दिल्ली सरकार ने शनिवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) वाले इलाकों में जलभराव वाले मुख्य स्थलों के गहन निरीक्षण के निर्देश दिए और सोमवार तक इसकी रिपोर्ट मांगी। इस सप्ताह के आरंभ में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस एवं लोक निर्माण विभाग के साथ जलभराव की स्थिति की समीक्षा की और समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। एक सरकारी बयान में कहा गया है, ‘‘बड़े अधिकारियों और अभियंताओं को कुछ खास जगहों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों से कहा गया है कि वे जलभमाव को रोकने के लिए पर्याप्त और पक्के इंतजाम सुनिश्चित करें तथा इस बारे में 31 अगस्त तक लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को विस्तृत रिपोर्ट सौंपें।’’
अधिकारियों के अनुसार, 24-25 अगस्त को भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव हो गया था, जिसके बाद उपराज्यपाल ने संबंधित एजेंसियों को ऐसे पक्के उपाय करने का निर्देश दिया, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो। बयान में कहा गया है, ‘‘दिल्ली यातायात पुलिस ने 20 अगस्त तक हुई बारिश के दौरान पानी जमा होने वाली 113 जगहों और 24 अगस्त को हुई बारिश के दौरान 26 और जगहों की पहचान की थी। ऐसी जगहों पर बार-बार पानी जमा होने की समस्या को देखते हुए, जमीनी स्तर पर खासतौर पर जांच करने की ज़रूरत है।
इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि क्या पीडब्ल्यूडी मौजूदा अवसंरचना और उपलब्ध संसाधनों के साथ कोई और लघुकालिक उपाय कर सकता है।’’
लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, कई जगहों पर निरीक्षण शुरू हो गया है, जिसमें अधिकारी जल निकासी की व्यवस्था, गाद जमा होने और रुकावटों, पंपिंग की व्यवस्था आदि की जांच कर रहे हैं। मंत्री ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के प्रधान सचिव समेत वरिष्ठ अधिकारी महरौली-बदरपुर रोड पर जलभराव वाली जगहों का निरीक्षण करेंगे। विशेष सचिव एमजी रोड, पुरानी दिल्ली-गुरुग्राम रोड और महिपालपुर बाईपास पर मौजूद जगहों का निरीक्षण करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अगली बारिश का इंतजार नहीं करेंगे कि वही समस्या फिर से सामने आए। जहां-जहां बार-बार जलभराव होता है, वहां साफ तौर पर स्थिति का आकलन करने और व्यावहारिक समाधान निकालने की ज़रूरत है। जवाबदेही, तुरंत कार्रवाई और लगातार निगरानी हमारी प्राथमिकता बनी रहेगी।’’
मंत्री ने पीडब्ल्यू अधिकारियों को मानसून के बाकी समय में भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

