सहरसा के 15 चयनित सरस्वती ज्ञान निकेतन मॉडल स्कूलों को विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में शनिवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार सहित जिले के कई अधिकारियों ने तीन अलग-अलग विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे जिलाधिकारी दीपेश कुमार राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय (जिला गर्ल्स हाई स्कूल) पहुंचे। उनके साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी और नगर निगम के नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। साफ-सफाई की स्थिति में कई कमियां मिली अधिकारियों ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, साफ-सफाई, छात्राओं की उपस्थिति और उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बताया कि जिले के 15 विद्यालयों का चयन मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए किया गया है, जिसमें राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय भी शामिल है। निरीक्षण के दौरान कक्षाओं में जाकर शैक्षणिक गतिविधियों की भी निगरानी की गई। डीएम ने बताया कि विद्यालय परिसर और आसपास साफ-सफाई की स्थिति में कई कमियां पाई गईं। स्पोर्ट्स एक्टिविटी के लिए टाइम फिक्स करने के निर्देश स्कूल के आसपास कचरा, जंगल-झाड़ियां और गंदे पानी के जमाव की समस्या भी देखी गई। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है। विद्यालय भवन के पीछे की ओर पेंटिंग न होने पर भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विद्यालय प्रबंधन को विशेष पहल करने का निर्देश दिया। साथ ही, छात्राओं में खेलकूद के प्रति रुचि पैदा करने के लिए प्राचार्य को प्रतिदिन एक से डेढ़ घंटे खेलकूद गतिविधियों के लिए समय निर्धारित करने को कहा गया। 15 स्कूलों को मॉडल स्तर पर किया जाना है विकसित डीएम ने जोर दिया कि खेलकूद से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है। मॉडल स्कूल योजना के तहत सप्ताह में एक बार छात्राओं के अभिभावकों और शिक्षकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। विद्यालय के बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित करने की भी व्यवस्था की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा को राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। संबंधित अधिकारी विद्यालय को गोद लेकर वहां की व्यवस्थाओं में मौजूद कमियों को दूर करेंगे। नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने बताया कि राज्य सरकार की योजना के तहत प्रत्येक जिले में 15 विद्यालयों को मॉडल स्तर पर विकसित किया जाना है। स्पोर्ट्स ग्राउंड को भी किया जाएगा डेवलप नोडल अधिकारी के रूप में राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों, साफ-सफाई, बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों द्वारा पढ़ाई की गुणवत्ता और परीक्षा परिणाम समेत अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उनकी होगी। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी ने विद्यालय की वस्तुस्थिति का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। एक सप्ताह के भीतर विद्यालय के विकास को लेकर कई कार्य शुरू किए जाएंगे। स्कूल के आसपास फैली गंदगी को हटाने के साथ बच्चों के खेलने के लिए खेल मैदान का भी विकास किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने भी विद्यालय में मौजूद समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। नौवीं कक्षा की छात्रा प्राची ने बताया कि विद्यालय में खेलने के लिए अच्छा मैदान नहीं है। स्मार्ट क्लास और लैब की समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं है, जबकि म्यूजिक क्लास भी संचालित नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद अब छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है। स्कूल के आसपास जलजमाव की बड़ी समस्या वहीं नौवीं कक्षा की छात्रा लवली आनंद ने बताया कि खेल मैदान में जंगल और झाड़ियां उग आई हैं। बारिश के दिनों में वहां भारी जलजमाव हो जाता है, जिससे खेलकूद गतिविधियां प्रभावित होती हैं। नगर आयुक्त को विद्यालय का नोडल अधिकारी बनाए जाने के बाद छात्राओं को विद्यालय की सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार वर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यालय को सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। हालांकि विद्यालय में अभी कई आधारभूत समस्याएं हैं। विद्यालय के आसपास जलजमाव एक बड़ी समस्या है और चारदीवारी नहीं होने से भी परेशानियां होती हैं। साइंस के लिए अलग-अलग लैब डेवलप करने के निर्देश उन्होंने बताया कि विद्यालय के कई भवन पुराने हैं और बारिश के मौसम में छत से पानी रिसने के कारण छात्राओं को परेशानी होती है। विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला की सुविधा नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्राचार्य ने कहा कि जिलाधिकारी को इन समस्याओं से अवगत कराया गया है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही विज्ञान के तीन विषयों के लिए अलग-अलग प्रयोगशालाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय की छत और परिसर की सफाई को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। सहरसा के 15 चयनित सरस्वती ज्ञान निकेतन मॉडल स्कूलों को विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में शनिवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार सहित जिले के कई अधिकारियों ने तीन अलग-अलग विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे जिलाधिकारी दीपेश कुमार राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय (जिला गर्ल्स हाई स्कूल) पहुंचे। उनके साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी और नगर निगम के नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। साफ-सफाई की स्थिति में कई कमियां मिली अधिकारियों ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, साफ-सफाई, छात्राओं की उपस्थिति और उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बताया कि जिले के 15 विद्यालयों का चयन मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए किया गया है, जिसमें राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय भी शामिल है। निरीक्षण के दौरान कक्षाओं में जाकर शैक्षणिक गतिविधियों की भी निगरानी की गई। डीएम ने बताया कि विद्यालय परिसर और आसपास साफ-सफाई की स्थिति में कई कमियां पाई गईं। स्पोर्ट्स एक्टिविटी के लिए टाइम फिक्स करने के निर्देश स्कूल के आसपास कचरा, जंगल-झाड़ियां और गंदे पानी के जमाव की समस्या भी देखी गई। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है। विद्यालय भवन के पीछे की ओर पेंटिंग न होने पर भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विद्यालय प्रबंधन को विशेष पहल करने का निर्देश दिया। साथ ही, छात्राओं में खेलकूद के प्रति रुचि पैदा करने के लिए प्राचार्य को प्रतिदिन एक से डेढ़ घंटे खेलकूद गतिविधियों के लिए समय निर्धारित करने को कहा गया। 15 स्कूलों को मॉडल स्तर पर किया जाना है विकसित डीएम ने जोर दिया कि खेलकूद से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है। मॉडल स्कूल योजना के तहत सप्ताह में एक बार छात्राओं के अभिभावकों और शिक्षकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। विद्यालय के बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित करने की भी व्यवस्था की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा को राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। संबंधित अधिकारी विद्यालय को गोद लेकर वहां की व्यवस्थाओं में मौजूद कमियों को दूर करेंगे। नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने बताया कि राज्य सरकार की योजना के तहत प्रत्येक जिले में 15 विद्यालयों को मॉडल स्तर पर विकसित किया जाना है। स्पोर्ट्स ग्राउंड को भी किया जाएगा डेवलप नोडल अधिकारी के रूप में राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों, साफ-सफाई, बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों द्वारा पढ़ाई की गुणवत्ता और परीक्षा परिणाम समेत अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उनकी होगी। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी ने विद्यालय की वस्तुस्थिति का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। एक सप्ताह के भीतर विद्यालय के विकास को लेकर कई कार्य शुरू किए जाएंगे। स्कूल के आसपास फैली गंदगी को हटाने के साथ बच्चों के खेलने के लिए खेल मैदान का भी विकास किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने भी विद्यालय में मौजूद समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। नौवीं कक्षा की छात्रा प्राची ने बताया कि विद्यालय में खेलने के लिए अच्छा मैदान नहीं है। स्मार्ट क्लास और लैब की समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं है, जबकि म्यूजिक क्लास भी संचालित नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद अब छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है। स्कूल के आसपास जलजमाव की बड़ी समस्या वहीं नौवीं कक्षा की छात्रा लवली आनंद ने बताया कि खेल मैदान में जंगल और झाड़ियां उग आई हैं। बारिश के दिनों में वहां भारी जलजमाव हो जाता है, जिससे खेलकूद गतिविधियां प्रभावित होती हैं। नगर आयुक्त को विद्यालय का नोडल अधिकारी बनाए जाने के बाद छात्राओं को विद्यालय की सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार वर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यालय को सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। हालांकि विद्यालय में अभी कई आधारभूत समस्याएं हैं। विद्यालय के आसपास जलजमाव एक बड़ी समस्या है और चारदीवारी नहीं होने से भी परेशानियां होती हैं। साइंस के लिए अलग-अलग लैब डेवलप करने के निर्देश उन्होंने बताया कि विद्यालय के कई भवन पुराने हैं और बारिश के मौसम में छत से पानी रिसने के कारण छात्राओं को परेशानी होती है। विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला की सुविधा नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्राचार्य ने कहा कि जिलाधिकारी को इन समस्याओं से अवगत कराया गया है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही विज्ञान के तीन विषयों के लिए अलग-अलग प्रयोगशालाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय की छत और परिसर की सफाई को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

