बरैठ स्कूल में ‘खेलो और सीखो’ पर संगोष्ठी:टीचर्स ने पढ़ाई के साथ खेलकूद को बताया जरूरी

बरैठ स्कूल में ‘खेलो और सीखो’ पर संगोष्ठी:टीचर्स ने पढ़ाई के साथ खेलकूद को बताया जरूरी

बेगूसराय सदर के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरैठ में शनिवार को ‘खेलो और सीखो’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के महत्व पर चर्चा करना था। संगोष्ठी में शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। संगोष्ठी के दौरान शिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का विकास केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि खेलकूद के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे महत्वपूर्ण गुण विकसित होते हैं। इसके अतिरिक्त, नियमित शारीरिक गतिविधियाँ बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में भी सहायक होती हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव कुमार ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी खेल प्रतिभा को भी प्रोत्साहित करें। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि बच्चों की नियमित विद्यालय उपस्थिति, उचित पोषण और व्यक्तिगत स्वच्छता पर परिवार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। प्रधानाध्यापक ने कहा कि विद्यालय की गतिविधियों में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी से बच्चों के सीखने का माहौल और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। शिक्षकों ने यह भी बताया कि विद्यालय और परिवार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से बच्चों की उपस्थिति, सीखने की क्षमता और उनके शैक्षणिक प्रदर्शन में सकारात्मक सुधार देखा जा सकता है। इस अवसर पर शिक्षक ज्ञान प्रकाश सिंह, शिक्षिका रिंकू कुमारी, जोसिका चंद्रा, रामानंद कुमार, इंदु कुमारी, मीनू कुमारी, कंचन कुमारी, गुंजन कुमार, अंकित कुमार मधुकर, शुभम कुमार एवं भावना कुमारी सहित कई छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे। बेगूसराय सदर के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरैठ में शनिवार को ‘खेलो और सीखो’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के महत्व पर चर्चा करना था। संगोष्ठी में शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। संगोष्ठी के दौरान शिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का विकास केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि खेलकूद के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे महत्वपूर्ण गुण विकसित होते हैं। इसके अतिरिक्त, नियमित शारीरिक गतिविधियाँ बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में भी सहायक होती हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव कुमार ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी खेल प्रतिभा को भी प्रोत्साहित करें। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि बच्चों की नियमित विद्यालय उपस्थिति, उचित पोषण और व्यक्तिगत स्वच्छता पर परिवार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। प्रधानाध्यापक ने कहा कि विद्यालय की गतिविधियों में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी से बच्चों के सीखने का माहौल और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। शिक्षकों ने यह भी बताया कि विद्यालय और परिवार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से बच्चों की उपस्थिति, सीखने की क्षमता और उनके शैक्षणिक प्रदर्शन में सकारात्मक सुधार देखा जा सकता है। इस अवसर पर शिक्षक ज्ञान प्रकाश सिंह, शिक्षिका रिंकू कुमारी, जोसिका चंद्रा, रामानंद कुमार, इंदु कुमारी, मीनू कुमारी, कंचन कुमारी, गुंजन कुमार, अंकित कुमार मधुकर, शुभम कुमार एवं भावना कुमारी सहित कई छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे।  

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