बांका के धोरैया थाना क्षेत्र के अहीरों गांव में विषहरी पूजा के लिए कलश यात्रा की तैयारी के दौरान सड़क हादसे में 65 वर्षीय उपेंद्र मंडल की मौत हो गई। मृतक अहीरों गांव निवासी स्व. चेतन मंडल के पुत्र थे। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन लेकर फरार हो गया। शनिवार को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जानकारी के अनुसार, अहीरों हाई स्कूल के समीप स्थित तालाब से गांव के श्रद्धालु पूजा के लिए कलश यात्रा का जल भरने गए थे। जल भरने के बाद सभी श्रद्धालु अहीरों स्थित विषहरी स्थान लौट रहे थे। इसी दौरान उपेंद्र मंडल पीछे रह गए। तभी धोरैया की ओर से तेज गति से आ रहे पिकअप वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में उपेंद्र मंडल के दोनों पैर टूट गए, जबकि बाएं हाथ की कोहनी में गंभीर चोट आई। ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल धोरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉ. ज्योति रजवार ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें रेफर कर दिया गया। हालांकि, अस्पताल से रेफर होकर जाने की तैयारी के दौरान ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर धोरैया थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। शनिवार को पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी में जुटी थी। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच की जा रही मृतक के चार बेटे और चार बेटियां हैं। चारों बेटे रविकांत कुमार, शेखर कुमार मंडल, हेमकांत मंडल और श्रीकांत मंडल दिल्ली में काम करते हैं और घटना के समय गांव में मौजूद नहीं थे। अस्पताल में उनकी बहू मौजूद थीं। मौत की खबर से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बांका के धोरैया थाना क्षेत्र के अहीरों गांव में विषहरी पूजा के लिए कलश यात्रा की तैयारी के दौरान सड़क हादसे में 65 वर्षीय उपेंद्र मंडल की मौत हो गई। मृतक अहीरों गांव निवासी स्व. चेतन मंडल के पुत्र थे। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन लेकर फरार हो गया। शनिवार को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जानकारी के अनुसार, अहीरों हाई स्कूल के समीप स्थित तालाब से गांव के श्रद्धालु पूजा के लिए कलश यात्रा का जल भरने गए थे। जल भरने के बाद सभी श्रद्धालु अहीरों स्थित विषहरी स्थान लौट रहे थे। इसी दौरान उपेंद्र मंडल पीछे रह गए। तभी धोरैया की ओर से तेज गति से आ रहे पिकअप वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में उपेंद्र मंडल के दोनों पैर टूट गए, जबकि बाएं हाथ की कोहनी में गंभीर चोट आई। ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल धोरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉ. ज्योति रजवार ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें रेफर कर दिया गया। हालांकि, अस्पताल से रेफर होकर जाने की तैयारी के दौरान ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर धोरैया थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। शनिवार को पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी में जुटी थी। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच की जा रही मृतक के चार बेटे और चार बेटियां हैं। चारों बेटे रविकांत कुमार, शेखर कुमार मंडल, हेमकांत मंडल और श्रीकांत मंडल दिल्ली में काम करते हैं और घटना के समय गांव में मौजूद नहीं थे। अस्पताल में उनकी बहू मौजूद थीं। मौत की खबर से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

