पटना जिले के बिहटा प्रखंड की दौलतपुर दयालपुर पंचायत के राजपुर गांव में शुक्रवार देर रात वज्रपात गिरने से दो भैंसों की मौत हो गई। इस घटना से एक गरीब परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार के सदस्य उमाशंकर और मधु कुमारी ने बताया कि उनके परिवार का गुजारा मुख्य रूप से इन भैंसों के दूध की बिक्री से होता था। उमाशंकर मजदूरी करके भी परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करते थे। दोनों भैंसों की मौत से परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजनों के अनुसार, मृत भैंसों की अनुमानित कीमत लगभग एक लाख रुपये थी। परिवार का कहना है कि भैंसों से होने वाली आय उनके जीवनयापन का प्रमुख साधन थी। इस आकस्मिक घटना ने उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। पीड़ित परिवार ने अब सरकार और स्थानीय प्रशासन से आर्थिक सहायता की अपील की है, ताकि वे दोबारा पशु खरीदकर अपनी आजीविका चला सकें। दौलतपुर दयालपुर पंचायत के उपमुखिया राम नगीना यादव उर्फ पिंटू कुमार ने शनिवार सुबह घटना स्थल का दौरा कर मामले की जानकारी ली। उन्होंने सरकार और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों से पीड़ित परिवार को नियमानुसार जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उपमुखिया ने जोर दिया कि गरीब परिवार की आजीविका का साधन समाप्त हो गया है, अतः प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। पटना जिले के बिहटा प्रखंड की दौलतपुर दयालपुर पंचायत के राजपुर गांव में शुक्रवार देर रात वज्रपात गिरने से दो भैंसों की मौत हो गई। इस घटना से एक गरीब परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार के सदस्य उमाशंकर और मधु कुमारी ने बताया कि उनके परिवार का गुजारा मुख्य रूप से इन भैंसों के दूध की बिक्री से होता था। उमाशंकर मजदूरी करके भी परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करते थे। दोनों भैंसों की मौत से परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजनों के अनुसार, मृत भैंसों की अनुमानित कीमत लगभग एक लाख रुपये थी। परिवार का कहना है कि भैंसों से होने वाली आय उनके जीवनयापन का प्रमुख साधन थी। इस आकस्मिक घटना ने उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। पीड़ित परिवार ने अब सरकार और स्थानीय प्रशासन से आर्थिक सहायता की अपील की है, ताकि वे दोबारा पशु खरीदकर अपनी आजीविका चला सकें। दौलतपुर दयालपुर पंचायत के उपमुखिया राम नगीना यादव उर्फ पिंटू कुमार ने शनिवार सुबह घटना स्थल का दौरा कर मामले की जानकारी ली। उन्होंने सरकार और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों से पीड़ित परिवार को नियमानुसार जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उपमुखिया ने जोर दिया कि गरीब परिवार की आजीविका का साधन समाप्त हो गया है, अतः प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

