अंबाला में एक होमगार्ड ने बकाया सिलाई के पैसे न चुकाने पड़े, इसके लिए एक बुजुर्ग दर्जी के खिलाफ फर्जी शिकायत दर्ज करा दी। होमगार्ड ने दर्जी पर दबाव बनाने और उसकी छवि खराब करने की नीयत से एक फर्जी महिला के नाम से ब्लैकमेलिंग की झूठी शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस जांच में पूरी साजिश का खुलासा होने के बाद बलदेव नगर थाना पुलिस ने आरोपी होमगार्ड के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश रचने का मामला दर्ज किया है। 3,000 रुपये में तय हुआ था वर्दी का सौदा पंजाब के मोहाली जिले (गांव बटोली) के रहने वाले पीड़ित हरमेश उर्फ रमेश टेलर ने बलदेव नगर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अंबाला शहर जीआरपी पुलिस लाइन में करीब 37-38 वर्षों से टेलरिंग का काम करते हैं। मार्च 2025 में होमगार्ड शुभम अत्री उनके पास वर्दी सिलवाने आया था। कपड़े और सिलाई का कुल सौदा 3,000 रुपये में तय हुआ था। आरोपी शुभम शुरुआत में 1,500 रुपये देकर वर्दी ले गया और बाद में 500 रुपये और दिए। इस तरह उसकी तरफ 1,000 रुपये बकाया रह गए थे। पीड़ित दर्जी ने जब भी अपने हक के बकाया पैसे मांगे, आरोपी ने उन्हें पैसे देने के बजाय देख लेने की धमकी दी। फर्जी शिकायत और वीडियो वायरल की धमकी का रचा ड्रामा बकाया रकम मांगने के कुछ दिन बाद पीड़ित टेलर को पता चला कि उनके खिलाफ पुलिस अधीक्षक कार्यालय (जीआरपी अंबाला) में एक शिकायत संख्या 5525 दर्ज करवाई गई है। इस शिकायत में गंभीर आरोप लगाया गया कि दर्जी ने साहा थाना में तैनात पूजा नाम की महिला कर्मचारी के साथ गलत काम किया है और गुरदीप सिंह नाम के होमगार्ड के पास उसकी वीडियो है, जिसे वायरल करने की धमकी दी जा रही है। जांच में खुली पोल: साहा थाना में ‘पूजा’ नाम की कोई महिला ही नहीं मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी रेलवे ने जब जांच शुरू की, तो हैरान कर देने वाला सच सामने आया। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि साहा थाना में ‘पूजा’ नाम की कोई महिला कर्मचारी तैनात ही नहीं है। जांच में साफ हो गया कि आरोपी होमगार्ड शुभम अत्री ने महज 1,000 रुपये हड़पने, दर्जी पर मानसिक दबाव बनाने और उसकी सामाजिक छवि खराब करने के लिए यह फर्जी कहानी गढ़ी थी। आरोपी होमगार्ड के खिलाफ BNS के तहत केस दर्ज डीएसपी की जांच रिपोर्ट और पीड़ित हरमेश की शिकायत के आधार पर बलदेव नगर थाना पुलिस ने आरोपी होमगार्ड शुभम अत्री के खिलाफ एफआईआर संख्या 290 दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(6) और 231 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

