भोपाल में BSNL के लंबित बिलों का भुगतान कराने के लिए रिश्वत का सौदा करने वाले दो क्लास-1 अधिकारियों को CBI ने ट्रैप कर गिरफ्तार किया है। आरोप है कि भोपाल में पदस्थ चीफ इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) अविनाश शुक्ला और सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) बीबी चक्रपाणी ने जबलपुर की एक फर्म के लंबित बिलों को क्लियर कराने के बदले 2-2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। दोनों अधिकारी पहली किस्त के तौर पर 75-75 हजार रुपए लेते हुए CBI के हत्थे चढ़ गए। 14 साइट का काम, बिल भुगतान पर रिश्वत का दबाव CBI के अनुसार, जबलपुर की फर्म BSNL के लिए ऑपरेशन एंड कॉम्प्रिहेंसिव मेंटेनेंस और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन का काम करती है। फर्म ने 14 साइट पर काम किया था। काम पूरा होने के बाद उसके बिल भुगतान के लिए लंबित थे। आरोप है कि इन्हीं बिलों को पास कराने के एवज में दोनों अधिकारियों ने अलग-अलग 2-2 लाख रुपए की मांग की। शिकायत के बाद तय हुई पहली किस्त फर्म की ओर से रिश्वत मांगने की शिकायत CBI को दी गई। शिकायत की पुष्टि के बाद एजेंसी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया और ट्रैप की योजना बनाई। तय रणनीति के मुताबिक शिकायतकर्ता दोनों अधिकारियों के लिए 75-75 हजार रुपए लेकर पहुंचा। रकम स्वीकार करते ही CBI टीम ने दोनों को पकड़ लिया। तीन शहरों में जांच, रिकॉर्ड खंगाल रही CBI गिरफ्तारी के बाद CBI ने भोपाल, लखनऊ और कानपुर स्थित आरोपियों के कार्यालयों और आवासीय परिसरों पर तलाशी ली। टीम ने दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की संपत्ति, निवेश और पुराने लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत का यह मामला केवल संबंधित बिलों तक सीमित था या इसके पीछे भुगतान से जुड़ा कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय था।

