जालोर। रक्षाबंधन पर्व पर भाई को राखी बांधने के लिए परिवार के साथ खुशी-खुशी पीहर जा रही महिला की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। भीनमाल शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर आलड़ी चौराहे के आगे तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने थ्री-व्हीलर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि थ्री-व्हीलर सड़क से उछलकर पलटते हुए करीब 40-50 फीट दूर झाड़ियों में जा घुसा। हादसे में थ्री-व्हीलर सवार दंपती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मासूम बच्चों और चालक समेत तीन लोग गंभीर घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद झाड़ियों में फंसे घायलों और मृतकों को बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों को भीनमाल के राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में पहुंचाया गया। दंपती के शव अस्पताल पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का करुण विलाप सुनकर अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

चार बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
हादसे में भील समाज के एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक दंपती के चार बच्चे हैं। महिला अपने एक बेटे और छोटी बेटी के साथ पीहर जा रही थी, जबकि दो बेटियां घर पर ही थीं। हादसे में पति-पत्नी की मौत और बच्चों के घायल होने से चारों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। परिवार की इस स्थिति से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
मुआवजे की मांग के बाद उठाए शव
हादसे के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए लोगों ने मुआवजे की मांग की। कुछ देर तक शव नहीं उठाए गए। बाद में पुलिस ने समझाइश कर परिजनों को शांत कराया, जिसके बाद शवों को मोर्चरी से उठाया गया। दंपती की अंतिम यात्रा घर से श्मशान के लिए रवाना हुई तो परिवार में चीख-पुकार मच गई।
पुलिस निरीक्षक राजेंद्रसिंह राजपुरोहित ने बताया कि हादसे में दासपा बस स्टैंड स्थित भील बस्ती निवासी वरदाराम भील (38) और उसकी पत्नी छगनीदेवी (38) की मौत हुई है। हादसे में उनकी पुत्री जानूकुमारी (5), पुत्र सुमेराराम (10) और थ्री-व्हीलर चालक मसराराम भील घायल हुए हैं।
यह वीडियो भी देखें :
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़ाया मदद का हाथ
दंपती की मौत और दो बच्चों के गंभीर घायल होने की जानकारी मिलने के बाद शहर के समाजसेवी और सामाजिक संस्थाएं मदद के लिए आगे आईं। सनातन संस्कृति जागरण संघ की ओर से 15 हजार रुपए, जबकि सुंधामाता ट्रस्ट और वराहश्याम ट्रस्ट की ओर से 11-11 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी गई। इसके अलावा कई समाजसेवियों ने भी बच्चों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की।

