महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान का शुभारंभ किया गया। औरंगाबाद में यह कार्यक्रम समाहरणालय परिसर स्थित योजना भवन सभागार में डीएम अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में जीविका दीदियां और महिला लाभुक मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले की शेष 5,156 महिला लाभुकों के खाते में प्रथम किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये तथा 2,733 महिलाओं को द्वितीय किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये की राशि भेजी गई। पटना स्थित बापू सभागार से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अभियान की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पांच लाख महिला लाभुकों को राशि का अंतरण, जीविका निधि से 10 हजार महिला लाभुकों को ऋण वितरण, विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत 112 ग्रामीण हाटों के निर्माण का कार्यारंभ तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। स्वरोजगार और आजीविका विस्तार को मिलेगा बढ़ावा सरकार की ओर से दी गई आर्थिक सहायता का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और उनकी आय बढ़ाना है। राशि मिलने से लाभुक महिलाएं अपनी पसंद और क्षमता के अनुसार विभिन्न आयवर्धक गतिविधियां शुरू कर सकेंगी। इससे उन्हें परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ अपने स्तर पर रोजगार का अवसर भी मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान औरंगाबाद जिले की 37 जीविका दीदियों को जीविका निधि बैंक के माध्यम से ऋण भी उपलब्ध कराया गया। ऋण की मदद से महिलाएं अपनी मौजूदा आजीविका गतिविधियों का विस्तार करने के साथ नए रोजगारपरक कार्य शुरू कर सकेंगी। कार्यक्रम में निदेशक डीआरडीए अनुपम कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका पवन कुमार, प्रबंधक संचार जीविका मोहम्मद अनवर हुसैन, श्रुतिकांत पाठक, प्रखंड परियोजना प्रबंधक सहित जीविका से जुड़े पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह ने लाभुक महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने लाभुकों से सरकार से प्राप्त राशि का सही तरीके से उपयोग करने और इसे ऐसी गतिविधियों में लगाने की अपील की, जिससे लंबे समय तक आमदनी का स्रोत तैयार हो सके। दहेज के खिलाफ जागरूकता और बच्चों की शिक्षा पर जोर उप विकास आयुक्त ने जीविका दीदियों से अपने-अपने समूहों के माध्यम से दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका महत्वपूर्ण है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की जिम्मेदारी भी जीविका समूहों को निभानी चाहिए। उन्होंने लाभुक महिलाओं से अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ बच्चों की शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है। कार्यक्रम में मौजूद जीविका दीदियों और महिला लाभुकों ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता पर खुशी जताई। लाभुकों ने कहा कि सरकार की इस पहल से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने और अपनी आमदनी बढ़ाने का अवसर मिलेगा। महिलाओं ने आर्थिक सहयोग के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और कहा कि इस तरह की योजनाएं उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान का शुभारंभ किया गया। औरंगाबाद में यह कार्यक्रम समाहरणालय परिसर स्थित योजना भवन सभागार में डीएम अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में जीविका दीदियां और महिला लाभुक मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले की शेष 5,156 महिला लाभुकों के खाते में प्रथम किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये तथा 2,733 महिलाओं को द्वितीय किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये की राशि भेजी गई। पटना स्थित बापू सभागार से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अभियान की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पांच लाख महिला लाभुकों को राशि का अंतरण, जीविका निधि से 10 हजार महिला लाभुकों को ऋण वितरण, विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत 112 ग्रामीण हाटों के निर्माण का कार्यारंभ तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। स्वरोजगार और आजीविका विस्तार को मिलेगा बढ़ावा सरकार की ओर से दी गई आर्थिक सहायता का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और उनकी आय बढ़ाना है। राशि मिलने से लाभुक महिलाएं अपनी पसंद और क्षमता के अनुसार विभिन्न आयवर्धक गतिविधियां शुरू कर सकेंगी। इससे उन्हें परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ अपने स्तर पर रोजगार का अवसर भी मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान औरंगाबाद जिले की 37 जीविका दीदियों को जीविका निधि बैंक के माध्यम से ऋण भी उपलब्ध कराया गया। ऋण की मदद से महिलाएं अपनी मौजूदा आजीविका गतिविधियों का विस्तार करने के साथ नए रोजगारपरक कार्य शुरू कर सकेंगी। कार्यक्रम में निदेशक डीआरडीए अनुपम कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका पवन कुमार, प्रबंधक संचार जीविका मोहम्मद अनवर हुसैन, श्रुतिकांत पाठक, प्रखंड परियोजना प्रबंधक सहित जीविका से जुड़े पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह ने लाभुक महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने लाभुकों से सरकार से प्राप्त राशि का सही तरीके से उपयोग करने और इसे ऐसी गतिविधियों में लगाने की अपील की, जिससे लंबे समय तक आमदनी का स्रोत तैयार हो सके। दहेज के खिलाफ जागरूकता और बच्चों की शिक्षा पर जोर उप विकास आयुक्त ने जीविका दीदियों से अपने-अपने समूहों के माध्यम से दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका महत्वपूर्ण है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की जिम्मेदारी भी जीविका समूहों को निभानी चाहिए। उन्होंने लाभुक महिलाओं से अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ बच्चों की शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है। कार्यक्रम में मौजूद जीविका दीदियों और महिला लाभुकों ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता पर खुशी जताई। लाभुकों ने कहा कि सरकार की इस पहल से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने और अपनी आमदनी बढ़ाने का अवसर मिलेगा। महिलाओं ने आर्थिक सहयोग के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और कहा कि इस तरह की योजनाएं उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

