(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 27 अगस्त केंद्र ने आम लोगों को राहत देने और कीमतों पर अंकुश लगाने के प्रयासों के तहत बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज की खुदरा बिक्री शुरू की। यह मौजूदा बाजार कीमत से 44 प्रतिशत कम है। केंद्र अपने भंडार यानी ‘बफर स्टॉक’ से प्याज बेच रहा है।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा कि प्याज की कीमतों में वृद्धि कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि देश में त्योहारों के दौरान मांग पूरी करने के लिए प्याज की आपूर्ति पर्याप्त है। खरे ने कहा कि सरकार प्याज के निर्यात पर रोक लगाने पर विचार नहीं कर रही है, क्योंकि आपूर्ति को लेकर कोई समस्या नहीं है।
अप्रैल-जून, 2026 के दौरान प्याज का निर्यात करीब 3.82 लाख टन रहा। उन्होंने प्याज से लदे कई छोटे ट्रक को रवाना किया, जिसके साथ 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से ‘बफर स्टॉक’ के प्याज की खुदरा बिक्री की शुरुआत हुई। दिल्ली में बृहस्पतिवार को प्याज की कीमत 62 रुपये प्रति किलोग्राम है।
खुदरा बिक्री भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड), भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) और केंद्रीय भंडार के माध्यम से की जाएगी। मदर डेयरी भी अपने सफल स्टोर के जरिये प्याज बेचेगी। आपूर्ति तेजी से पहुंचाने के लिए सरकार विशेष रेलवे ‘रैक’ कांदा एक्सप्रेस के जरिये बड़ी मात्रा में प्याज राष्ट्रीय राजधानी ला रही है।
इस तरह का पहला ‘रैक’ 800 टन प्याज लेकर नासिक से रवाना हो चुका है और इसके बृहस्पतिवार को ही दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने बुधवार को कहा था, ‘‘आने वाले महीनों में घरेलू मांग पूरी करने के लिए प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है।’’
वित्त वर्ष 2025-26 में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 307.67 लाख टन था। विभाग ने कहा, ‘‘मजबूत उत्पादन, भंडार की उपलब्धता और सक्रिय बाजार हस्तक्षेप से आने वाले महीनों में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित होने तथा मौसमी कीमतों के दबाव को कम करने की उम्मीद है।’’
विभाग ने कहा कि उपभोक्ताओं तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए वह राज्यों में प्याज की कीमतों, आवक और उपलब्धता पर करीबी नजर रख रहा है।
पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और अनुचित मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर और कदम उठाए जाएंगे। विभाग ने कहा, ‘‘ओणम, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली और शादियों सहित त्योहारों के दौरान आमतौर पर मांग बढ़ने और आपूर्ति-श्रृंखला से जुड़े कारणों से प्याज की कीमतों में मौसमी बढ़ोतरी देखी जाती है।’’
पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने भंडार से प्याज की चरणबद्ध और लक्षित बिक्री शुरू की है। सरकार ने ‘बफर स्टॉक’ के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज खरीदा है।
केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) को 2026-27 के दौरान पहली बार प्याज के ‘बफर स्टॉक’ के भंडारण की जिम्मेदारी दी गई है।

