सावन आया तो मौसम ही नहीं, महिलाओं का मूड भी हरा हो गया। कोई हरे रंग की साड़ी में पहुंची तो किसी ने सुनहरी चमक से सावन की महफिल लूट ली। मौका था पटना के होटल मौर्य में आयोजित ‘सावन सहेली अपनों के संग’ महोत्सव का। जहां गीत-संगीत, कजरी, डांस और दोस्ती ने ऐसा रंग जमाया कि पूरा माहौल सावन की मस्ती में डूब गया। ‘सावन सहेली अपनों के संग’ में राजनीति, कला और समाजसेवा से जुड़ी कई महिलाएं जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ‘बॉस लेडीज’ ग्रुप की सदस्यों ने आयोजन में शिरकत की। कार्यक्रम में रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के पत्नी स्नेहलता कुशवाहा, मंत्री दीपक प्रकाश की पत्नी साक्षी मिश्रा कुशवाहा, प्रसिद्ध सिंगर और MLA मैथिली ठाकुर, बीजेपी MLA विशाल प्रशांत की पत्नी ऐश्वर्या राज समेत कई महिलाओं ने जमकर मस्ती किया। यहां महिलाएं सिर्फ सज-धजकर आईं नहीं, बल्कि गाना गाया, ठुमके लगाए, सहेलियों के साथ खूब हंसी-मजाक किया और पुरानी यादें भी ताजा कीं। हरे-सुनहरे रंग में सजीं ‘सावन सहेलियां’ सावन की थीम थी तो ड्रेस कोड में भी हरियाली का रंग दिखना लाजिमी था। हरे और सुनहरे रंग की आकर्षक साड़ियों में सजी महिलाएं कार्यक्रम में पहुंचीं तो होटल मौर्य का माहौल ही बदल गया। हर महिला को खास ‘सावन सहेली’ सैश पहनाया गया। इसके बाद तो तस्वीरें और सेल्फी का दौर भी खूब चला। किसी ने सहेलियों के साथ पोज दिए तो किसी ने पूरे ग्रुप को कैमरे में कैद किया। लोकगीत और कजरी से शुरू हुई महफिल कार्यक्रम की शुरुआत सावन के पारंपरिक लोकगीतों और मल्हार से हुई। महिलाओं ने मिलकर कजरी और सावन के गीत गाए। गीतों की मिठास ने माहौल में गांव की चौपाल और सावन की पुरानी यादों जैसा रंग भर दिया। ढोल-डीजे पर जमकर थिरकीं ‘बॉस लेडीज’ सावन के गीतों के बाद नृत्य और संगीत का दौर शुरू हुआ। जैसे ही ढोल की थाप और डीजे की धुन शुरू हुई, महफिल का अंदाज बदल गया। सावन का मौसम था, सहेलियां साथ थीं और डीजे बज रहा था… फिर भला पैर कैसे रुकते। सहेलियों की टोलियां डांस फ्लोर पर पहुंचीं और फिर जमकर ठुमके लगे। इस दौरान सहेलियों की अलग-अलग टोलियों ने एक साथ नृत्य कर सावन की मस्ती और दोस्ती का जश्न मनाया। मैथिली ठाकुर संग साक्षी-ऐश्वर्या ने लगाए ठुमके सहेलियों की टोली बनी तो फिर औपचारिकता पीछे छूट गई। सुप्रसिद्ध लोक गायिका और विधायक मैथिली ठाकुर के साथ सभी ने एक-दूसरे का साथ दिया और डांस फ्लोर पर सावन की मस्ती का जमकर लुत्फ उठाया। परिवार-कैरियर के बीच खुद के लिए भी जरूरी है ‘मी टाइम’ कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की व्दिनचर्या और ऐसे आयोजनों की जरूरत पर भी चर्चा हुई। साक्षी मिश्रा ने कहा, ‘महिलाएं परिवार और करियर की जिम्मेदारियों के बीच लगातार व्यस्त रहती हैं। ऐसे में उन्हें भी अपनी रोजमर्रा की जिम्मेदारियों से कुछ समय निकालकर खुद के लिए समय बिताने और सहेलियों के साथ खुलकर आनंद लेने का अवसर मिलना चाहिए।’ सिर्फ डांस नहीं, दिल की बातें भी हुईं यह महोत्सव केवल गीत-संगीत और डांस तक सीमित नहीं रहा। महिलाओं ने एक-दूसरे से बातचीत की, अनुभव साझा किए और अपनी जिंदगी से जुड़े किस्से भी सुनाए। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने कहा कि रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच ऐसे आयोजन मन को तरोताजा कर देते हैं। कुछ घंटे परिवार और काम की जिम्मेदारियों से दूर सिर्फ सहेलियों के नाम करना नई ऊर्जा और उत्साह देता है। सावन आया तो मौसम ही नहीं, महिलाओं का मूड भी हरा हो गया। कोई हरे रंग की साड़ी में पहुंची तो किसी ने सुनहरी चमक से सावन की महफिल लूट ली। मौका था पटना के होटल मौर्य में आयोजित ‘सावन सहेली अपनों के संग’ महोत्सव का। जहां गीत-संगीत, कजरी, डांस और दोस्ती ने ऐसा रंग जमाया कि पूरा माहौल सावन की मस्ती में डूब गया। ‘सावन सहेली अपनों के संग’ में राजनीति, कला और समाजसेवा से जुड़ी कई महिलाएं जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ‘बॉस लेडीज’ ग्रुप की सदस्यों ने आयोजन में शिरकत की। कार्यक्रम में रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के पत्नी स्नेहलता कुशवाहा, मंत्री दीपक प्रकाश की पत्नी साक्षी मिश्रा कुशवाहा, प्रसिद्ध सिंगर और MLA मैथिली ठाकुर, बीजेपी MLA विशाल प्रशांत की पत्नी ऐश्वर्या राज समेत कई महिलाओं ने जमकर मस्ती किया। यहां महिलाएं सिर्फ सज-धजकर आईं नहीं, बल्कि गाना गाया, ठुमके लगाए, सहेलियों के साथ खूब हंसी-मजाक किया और पुरानी यादें भी ताजा कीं। हरे-सुनहरे रंग में सजीं ‘सावन सहेलियां’ सावन की थीम थी तो ड्रेस कोड में भी हरियाली का रंग दिखना लाजिमी था। हरे और सुनहरे रंग की आकर्षक साड़ियों में सजी महिलाएं कार्यक्रम में पहुंचीं तो होटल मौर्य का माहौल ही बदल गया। हर महिला को खास ‘सावन सहेली’ सैश पहनाया गया। इसके बाद तो तस्वीरें और सेल्फी का दौर भी खूब चला। किसी ने सहेलियों के साथ पोज दिए तो किसी ने पूरे ग्रुप को कैमरे में कैद किया। लोकगीत और कजरी से शुरू हुई महफिल कार्यक्रम की शुरुआत सावन के पारंपरिक लोकगीतों और मल्हार से हुई। महिलाओं ने मिलकर कजरी और सावन के गीत गाए। गीतों की मिठास ने माहौल में गांव की चौपाल और सावन की पुरानी यादों जैसा रंग भर दिया। ढोल-डीजे पर जमकर थिरकीं ‘बॉस लेडीज’ सावन के गीतों के बाद नृत्य और संगीत का दौर शुरू हुआ। जैसे ही ढोल की थाप और डीजे की धुन शुरू हुई, महफिल का अंदाज बदल गया। सावन का मौसम था, सहेलियां साथ थीं और डीजे बज रहा था… फिर भला पैर कैसे रुकते। सहेलियों की टोलियां डांस फ्लोर पर पहुंचीं और फिर जमकर ठुमके लगे। इस दौरान सहेलियों की अलग-अलग टोलियों ने एक साथ नृत्य कर सावन की मस्ती और दोस्ती का जश्न मनाया। मैथिली ठाकुर संग साक्षी-ऐश्वर्या ने लगाए ठुमके सहेलियों की टोली बनी तो फिर औपचारिकता पीछे छूट गई। सुप्रसिद्ध लोक गायिका और विधायक मैथिली ठाकुर के साथ सभी ने एक-दूसरे का साथ दिया और डांस फ्लोर पर सावन की मस्ती का जमकर लुत्फ उठाया। परिवार-कैरियर के बीच खुद के लिए भी जरूरी है ‘मी टाइम’ कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की व्दिनचर्या और ऐसे आयोजनों की जरूरत पर भी चर्चा हुई। साक्षी मिश्रा ने कहा, ‘महिलाएं परिवार और करियर की जिम्मेदारियों के बीच लगातार व्यस्त रहती हैं। ऐसे में उन्हें भी अपनी रोजमर्रा की जिम्मेदारियों से कुछ समय निकालकर खुद के लिए समय बिताने और सहेलियों के साथ खुलकर आनंद लेने का अवसर मिलना चाहिए।’ सिर्फ डांस नहीं, दिल की बातें भी हुईं यह महोत्सव केवल गीत-संगीत और डांस तक सीमित नहीं रहा। महिलाओं ने एक-दूसरे से बातचीत की, अनुभव साझा किए और अपनी जिंदगी से जुड़े किस्से भी सुनाए। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने कहा कि रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच ऐसे आयोजन मन को तरोताजा कर देते हैं। कुछ घंटे परिवार और काम की जिम्मेदारियों से दूर सिर्फ सहेलियों के नाम करना नई ऊर्जा और उत्साह देता है।

