इटावा में बिहार के सुपौल से नई दिल्ली जा रही स्पेशल ट्रेन में परिवार के साथ सफर कर रहे बेगूसराय निवासी रामआसरे टंटी का शव गुरुवार सुबह ट्रेन के टॉयलेट में मिला। वह एस-6 कोच के टॉयलेट में करीब तीन घंटे तक अंदर बंद रहे। परिवार की सूचना पर इटावा स्टेशन पर सुबह करीब 9 बजे आरपीएफ ने दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। बाथरूम जाने के बाद नहीं लौटे रामआसरे टंटी बेगूसराय जिले के तेघड़ा भारसेती के रहने वाले थे। वह परिवार के साथ सुपौल से नई दिल्ली जा रही स्पेशल ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। इटावा पहुंचने से पहले वह एस-6 कोच के टॉयलेट में गए थे। काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। तीन घंटे तक अंदर बंद रहा दरवाजा परिजनों ने देखा कि टॉयलेट का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। करीब तीन घंटे बाद रामआसरे की पत्नी ने इटावा स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ कर्मियों को इसकी जानकारी दी। इसी दौरान ट्रेन इटावा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंच गई। आरपीएफ ने दरवाजा तोड़कर निकाला ट्रेन के इटावा स्टेशन पहुंचते ही आरपीएफ कर्मियों ने एस-6 कोच के टॉयलेट का दरवाजा तोड़ा। अंदर रामआसरे गंभीर हालत में मिले। उन्हें तत्काल ट्रेन से उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की वजह अभी साफ नहीं रामआसरे की मौत किस वजह से हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। सूचना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। आरपीएफ और जीआरपी मामले की जांच कर रही हैं। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह सामने आएगी।

