रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर कैमूर में कृष्ण नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं ने एक अनोखी पहल की। विद्यालय की शिक्षिका और मार्गदर्शक के नेतृत्व में स्कूली छात्राओं ने स्थानीय कुदरा थाना और सरकारी अस्पताल का दौरा किया। छात्राओं ने अपने हाथों में पूजा की थाली, तिलक, मिठाई और रक्षासूत्र (राखी) लेकर अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा कुदरा थाना में तैनात पुलिसकर्मियों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा। छात्राओं ने सभी के दीर्घायु और सुरक्षित जीवन की कामना की। सामाजिक और सद्भावना कार्यक्रमों का आयोजन इस अवसर पर पुलिसकर्मियों व डॉक्टरों ने भी बच्चों की सुरक्षा व सहयोग का वचन दिया। इस कार्यक्रम से अस्पताल और थाना परिसर का माहौल पूरी तरह से उत्सवमय और भावनात्मक हो गया। विद्यालय की शिक्षिका ने बताया कि संस्था की ओर से प्रतिवर्ष रक्षाबंधन पर ऐसे सामाजिक एवं सद्भावना कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज में रक्षाबंधन के सच्चे अर्थ को समझाना है। शिक्षिका के अनुसार, हमारे पुलिसकर्मी और डॉक्टर दिन-रात समाज की रक्षा व सेवा में जुटे रहते हैं। इसलिए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना और स्नेह का संदेश देना हमारा कर्तव्य है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना की और उन्हें उपहार व आशीर्वाद दिया। रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर कैमूर में कृष्ण नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं ने एक अनोखी पहल की। विद्यालय की शिक्षिका और मार्गदर्शक के नेतृत्व में स्कूली छात्राओं ने स्थानीय कुदरा थाना और सरकारी अस्पताल का दौरा किया। छात्राओं ने अपने हाथों में पूजा की थाली, तिलक, मिठाई और रक्षासूत्र (राखी) लेकर अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा कुदरा थाना में तैनात पुलिसकर्मियों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा। छात्राओं ने सभी के दीर्घायु और सुरक्षित जीवन की कामना की। सामाजिक और सद्भावना कार्यक्रमों का आयोजन इस अवसर पर पुलिसकर्मियों व डॉक्टरों ने भी बच्चों की सुरक्षा व सहयोग का वचन दिया। इस कार्यक्रम से अस्पताल और थाना परिसर का माहौल पूरी तरह से उत्सवमय और भावनात्मक हो गया। विद्यालय की शिक्षिका ने बताया कि संस्था की ओर से प्रतिवर्ष रक्षाबंधन पर ऐसे सामाजिक एवं सद्भावना कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज में रक्षाबंधन के सच्चे अर्थ को समझाना है। शिक्षिका के अनुसार, हमारे पुलिसकर्मी और डॉक्टर दिन-रात समाज की रक्षा व सेवा में जुटे रहते हैं। इसलिए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना और स्नेह का संदेश देना हमारा कर्तव्य है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना की और उन्हें उपहार व आशीर्वाद दिया।

