किशनगंज के विद्यालयों में पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना के तहत भुगतान में हो रही देरी और नई डिजिटल प्रक्रिया ने विद्यालय प्रधानों की परेशानी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि योजना से जुड़े भुगतान पिछले चार महीने से लंबित हैं। इसी बीच, अब भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए दुकानदारों और वेंडरों से अतिरिक्त दस्तावेज तथा डिजिटल विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से पीएम पोषण योजना के अंतर्गत SNA Sparsh Module लागू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत भुगतान प्राप्त करने वाले सभी वेंडरों की Vendor ID बनाई जाएगी। इसके लिए संबंधित विद्यालयों को आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। दस्तावेजों की अटेस्टेड कॉपी भी करनी होगी जमा Payee ID Form में वेंडर का नाम, मोबाइल नंबर, पैन, टैन, आधार संख्या, जीएसटीआईएन, पूरा पता, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड सहित कई जानकारियां मांगी गई हैं। इसके अलावा, संबंधित दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां भी जमा करनी होंगी। विद्यालय प्रधानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत छोटे दुकानदारों और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के लिए इतनी विस्तृत जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराना आसान नहीं है। कई छोटे व्यवसायियों के पास जीएसटी पंजीकरण या अन्य औपचारिक दस्तावेज नहीं हैं, जिससे नई प्रक्रिया को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। विद्यालयों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पीएम पोषण योजना के तहत खाद्यान्न, सब्जी, मसाला और अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करने वाले दुकानदारों का भुगतान करीब चार महीने से लंबित है। लंबित भुगतान की समस्या का करना पड़ रहा सामना हालांकि, जारी पत्र में लंबित भुगतान की कुल राशि या अवधि का कोई आधिकारिक उल्लेख नहीं किया गया है। नई डिजिटल व्यवस्था में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गलत या त्रुटिपूर्ण जानकारी देने की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। ऐसे में विद्यालय प्रधानों को एक ओर लंबित भुगतान की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर वेंडरों के दस्तावेज जुटाकर नई प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी निभानी पड़ रही है। किशनगंज के विद्यालयों में पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना के तहत भुगतान में हो रही देरी और नई डिजिटल प्रक्रिया ने विद्यालय प्रधानों की परेशानी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि योजना से जुड़े भुगतान पिछले चार महीने से लंबित हैं। इसी बीच, अब भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए दुकानदारों और वेंडरों से अतिरिक्त दस्तावेज तथा डिजिटल विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से पीएम पोषण योजना के अंतर्गत SNA Sparsh Module लागू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत भुगतान प्राप्त करने वाले सभी वेंडरों की Vendor ID बनाई जाएगी। इसके लिए संबंधित विद्यालयों को आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। दस्तावेजों की अटेस्टेड कॉपी भी करनी होगी जमा Payee ID Form में वेंडर का नाम, मोबाइल नंबर, पैन, टैन, आधार संख्या, जीएसटीआईएन, पूरा पता, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड सहित कई जानकारियां मांगी गई हैं। इसके अलावा, संबंधित दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां भी जमा करनी होंगी। विद्यालय प्रधानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत छोटे दुकानदारों और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के लिए इतनी विस्तृत जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराना आसान नहीं है। कई छोटे व्यवसायियों के पास जीएसटी पंजीकरण या अन्य औपचारिक दस्तावेज नहीं हैं, जिससे नई प्रक्रिया को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। विद्यालयों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पीएम पोषण योजना के तहत खाद्यान्न, सब्जी, मसाला और अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करने वाले दुकानदारों का भुगतान करीब चार महीने से लंबित है। लंबित भुगतान की समस्या का करना पड़ रहा सामना हालांकि, जारी पत्र में लंबित भुगतान की कुल राशि या अवधि का कोई आधिकारिक उल्लेख नहीं किया गया है। नई डिजिटल व्यवस्था में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गलत या त्रुटिपूर्ण जानकारी देने की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। ऐसे में विद्यालय प्रधानों को एक ओर लंबित भुगतान की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर वेंडरों के दस्तावेज जुटाकर नई प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी निभानी पड़ रही है।

