एशिया-प्रशांत के शीर्ष 100 स्टार्टअप्स; भारत शीर्ष पर:कैंसर इलाज से लेकर स्पेस तक, 19 भारतीय स्टार्टअप्स बदल रहे तकनीक की दुनिया

एशिया-प्रशांत के शीर्ष 100 स्टार्टअप्स; भारत शीर्ष पर:कैंसर इलाज से लेकर स्पेस तक, 19 भारतीय स्टार्टअप्स बदल रहे तकनीक की दुनिया

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का वर्चस्व बढ़ रहा है। फोर्ब्स की इस साल की ‘100 टू वॉच’ लिस्ट में 19 कंपनियों के साथ भारत शीर्ष पर रहा है। इसके बाद सिंगापुर (15), चीन (10) और जापान व द. कोरिया (9-9) का नंबर आता है। सूची में शामिल सभी 100 उम्मीद जगाने वाले स्टार्टअप्स ने मिलकर 23 हजार करोड़ रुपए फंड जुटाया है, जिसमें से करीब 9,600 करोड़ रुपए अकेले 2026 में आए। यह लिस्ट एआई, स्पेस टेक, ग्रीन टेक व रोबोटिक्स जैसे सेक्टर्स में तेजी से हो रहे इनोवेशन का संकेत देती है। पढ़िए कुछ प्रमुख स्टार्टअप व उनके फाउंडर्स के बारे में… सिंपलीस्मार्ट – एआई मॉडल को चलाना सस्ता और सरल बना रहा यह स्टार्टअप कंपनियों के लिए एआई मॉडल चलाना बेहद आसान व किफायती बनाता है। सीईओ अमृतांशु जैन के विजन से विकसित यह प्लेटफॉर्म ओपन-सोर्स एआई मॉडल्स को कुछ ही क्लिक में टेस्ट व डिप्लॉय करने की सुविधा देता है। साथ ही चिप परफॉर्मेंस को ऑप्टिमाइज कर क्लाउड कंप्यूटिंग लागत 50% तक घटाता है। टाटा 1एमजी भी इसकी सेवा ले रही है। ध्रुव स्पेस – स्पेस मिशन से जुड़ा हर समाधान, 10 प्रोजेक्ट सफल ध्रुव स्पेस स्पेस मिशन के लिए वन-स्टॉप समाधान प्रदान करने वाला स्पेस-टेक स्टार्टअप है। सीईओ संजय नेक्कनाटी के दूरदर्शी नेतृत्व में कंपनी सैटेलाइट निर्माण, हार्डवेयर टेस्टिंग से लेकर ग्राउंड ऑपरेशंस तक सभी सेवाएं देती है। 10 सफल स्पेस मिशन के साथ कंपनी अगले तीन साल में 18 सैटेलाइट लॉन्च करने जा रही है। हाल ही में 60 करोड़ रुपए फंडिंग जुटाई है। एग्निट सेमीकंडक्टर्स – डिफेंस और टेलीकॉम सेक्टर में पहचान ‘एग्निट सेमीकंडक्टर्स’ देश की पहली वर्टिकली इंटीग्रेटेड गैलियम नाइट्राइड सेमीकंडक्टर कंपनी है। सीईओ हरीश चंद्रशेखरन के नेतृत्व में कंपनी ने पारंपरिक सिलिकॉन से बेहतर ऊर्जा दक्षता वाले रेडियो-फ्रीक्वेंसी और पावर चिप्स विकसित किए हैं। एग्निट ने टेलीकॉम व डिफेंस सेक्टर में मजबूत पहचान बनाते हुए 25 करोड़ रुपए फंडिंग हासिल की है। अबकॉफी – सालभर में दोगुने से ज्यादा हुए ब्रांड के आउटलेट अभिजीत आनंद ने ‘अबकॉफी’ की शुरुआत इस सोच के साथ की कि अच्छी गुणवत्ता वाली कॉफी आम लोगों तक किफायती दाम में पहुंचे। सालभर में ब्रांड के आउटलेट्स की संख्या दोगुनी होकर 100 से ज्यादा हो गई है। इन पर हर महीने 3.5 लाख से ज्यादा कप कॉफी बिकती है। हाल ही में क्लिफ वेंचर्स के नेतृत्व में 61 करोड़ रुपए की फंडिंग जुटाई है। थेरानॉटिलस – नैनो तकनीक से इलाज पर फोकस अंबरीष घोष का यह डीप-टेक स्टार्टअप सामान्य आंखों से न दिखने वाले ‘नैनोरोबोट्स’ विकसित कर रहा है। साथ ही कंपनी ऐसी नैनो-तकनीक बना रही है, जो कैंसर कोशिकाओं तक सीधे दवा पहुंचाने और दांतों की संवेदनशीलता रोकने में सक्षम है। ओरल केयर रोबोट्स का इंसानी ट्रायल जल्द शुरू होने जा रहा है।

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