नेपाल-चीन सीमा पर रासुवागढ़ी क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आयी भीषण बाढ़ के बाद तबाही का मंजर है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 165 शव बरामद किए जा चुके हैं। शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। इसी बाढ़ के बाद रांची के कोकर निवासी 41 वर्षीय राम प्रसाद घोष के भी लापता होने की सूचना है। राम प्रसाद करीब दो महीने पहले काम के सिलसिले में काठमांडू गए थे। वहां एक कंपनी के प्रोजेक्ट में कार्यरत थे। वह करीब 200 भारतीय कर्मचारियों के साथ एक कैंप में रह रहे थे। मंगलवार रात परिवार से हुई थी बात परिजनों के अनुसार मंगलवार रात राम प्रसाद घोष की परिवार के लोगों से बातचीत हुई थी। इसके बाद बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे उन्होंने संदेश भी भेजा था। इसके बाद से परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। घटना स्थल भटार मुख्य बाजार के पास बताया जा रहा है, जहां कंपनी का प्रोजेक्ट चल रहा था। कर्मचारी कैंप में रह रहे थे। संपर्क टूटने के बाद से परिवार के लोग लगातार राम प्रसाद की जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं। परिजनों को अब तक उनके सुरक्षित होने की कोई पुख्ता सूचना नहीं मिली है। बाढ़ की भयावहता को देखते हुए परिवार उनकी सलामती को लेकर बेहद चिंतित है। तेज पानी में बह गयी बस, कुछ ने बचायी जान परिवार को कंपनी के दीपक नामक व्यक्ति से मिली जानकारी के अनुसार बाढ़ आने के बाद कैंप में मौजूद लोगों ने सुरक्षित स्थान की ओर भागने का प्रयास किया। कुछ कर्मचारियों ने बस से निकलने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव में पूरी बस बह गयी। इस दौरान कुछ लोग पहाड़ की ओर भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। जानकारी के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थान पर निकालने के लिए बुधवार को बचाव अभियान चलाया जा रहा था। वहीं, कैमरा क्षेत्र में भी कुछ लोगों के दिखाई देने की सूचना मिली है। हालांकि राम प्रसाद घोष के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। घर में पिता, भाई, पत्नी और दो बच्चे राम प्रसाद घोष कोकर स्थित हैदर अली रोड में अपने पिता रंजीत कुमार घोष, बड़े भाई देव प्रसाद घोष, पत्नी दित्या घोष और दो बच्चों के साथ रहते हैं। करीब दो महीने पहले नौकरी के सिलसिले में नेपाल गए राम प्रसाद के अचानक लापता होने की खबर से परिवार में चिंता का माहौल है। परिजन लगातार उनकी तलाश और बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी पर नजर रखे हुए हैं। परिवार को उम्मीद है कि राम प्रसाद किसी सुरक्षित स्थान पर होंगे और जल्द ही उनसे संपर्क हो सकेगा। नेपाल-चीन सीमा पर रासुवागढ़ी क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आयी भीषण बाढ़ के बाद तबाही का मंजर है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 165 शव बरामद किए जा चुके हैं। शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। इसी बाढ़ के बाद रांची के कोकर निवासी 41 वर्षीय राम प्रसाद घोष के भी लापता होने की सूचना है। राम प्रसाद करीब दो महीने पहले काम के सिलसिले में काठमांडू गए थे। वहां एक कंपनी के प्रोजेक्ट में कार्यरत थे। वह करीब 200 भारतीय कर्मचारियों के साथ एक कैंप में रह रहे थे। मंगलवार रात परिवार से हुई थी बात परिजनों के अनुसार मंगलवार रात राम प्रसाद घोष की परिवार के लोगों से बातचीत हुई थी। इसके बाद बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे उन्होंने संदेश भी भेजा था। इसके बाद से परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। घटना स्थल भटार मुख्य बाजार के पास बताया जा रहा है, जहां कंपनी का प्रोजेक्ट चल रहा था। कर्मचारी कैंप में रह रहे थे। संपर्क टूटने के बाद से परिवार के लोग लगातार राम प्रसाद की जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं। परिजनों को अब तक उनके सुरक्षित होने की कोई पुख्ता सूचना नहीं मिली है। बाढ़ की भयावहता को देखते हुए परिवार उनकी सलामती को लेकर बेहद चिंतित है। तेज पानी में बह गयी बस, कुछ ने बचायी जान परिवार को कंपनी के दीपक नामक व्यक्ति से मिली जानकारी के अनुसार बाढ़ आने के बाद कैंप में मौजूद लोगों ने सुरक्षित स्थान की ओर भागने का प्रयास किया। कुछ कर्मचारियों ने बस से निकलने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव में पूरी बस बह गयी। इस दौरान कुछ लोग पहाड़ की ओर भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। जानकारी के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थान पर निकालने के लिए बुधवार को बचाव अभियान चलाया जा रहा था। वहीं, कैमरा क्षेत्र में भी कुछ लोगों के दिखाई देने की सूचना मिली है। हालांकि राम प्रसाद घोष के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। घर में पिता, भाई, पत्नी और दो बच्चे राम प्रसाद घोष कोकर स्थित हैदर अली रोड में अपने पिता रंजीत कुमार घोष, बड़े भाई देव प्रसाद घोष, पत्नी दित्या घोष और दो बच्चों के साथ रहते हैं। करीब दो महीने पहले नौकरी के सिलसिले में नेपाल गए राम प्रसाद के अचानक लापता होने की खबर से परिवार में चिंता का माहौल है। परिजन लगातार उनकी तलाश और बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी पर नजर रखे हुए हैं। परिवार को उम्मीद है कि राम प्रसाद किसी सुरक्षित स्थान पर होंगे और जल्द ही उनसे संपर्क हो सकेगा।

