मुजफ्फरपुर जमीन कब्जा मामले में 5वीं गिरफ्तारी:पुलिस को देखते ही आरोपी ने अपना मोबाइल तोड़ा; कुल 25 FIR, विधायक पर 8 केस

मुजफ्फरपुर जमीन कब्जा मामले में 5वीं गिरफ्तारी:पुलिस को देखते ही आरोपी ने अपना मोबाइल तोड़ा; कुल 25 FIR, विधायक पर 8 केस

मुजफ्फरपुर के अहियापुर में जमीन कब्जाने और तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने पांचवीं गिरफ्तारी की है। इस मामले में बेलसंड से लोजपा(रा.) विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान वैशाली के महुआ थाना क्षेत्र निवासी आनंद कुमार के रूप में हुई है। वह वर्तमान में अहियापुर थाना क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस टीम को देखते ही आनंद ने अपना मोबाइल फोन और सिम तोड़ दिया था, ताकि उसमें मौजूद सबूत नष्ट किए जा सके। पुलिस ने क्षतिग्रस्त मोबाइल बरामद कर उसे फॉरेंसिक और साइबर टीम को जांच के लिए भेजा है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान आनंद ने 19 ऐसे लोगों के नाम बताए हैं, जो 20 अगस्त को झपहां डीह में चहारदीवारी तोड़े जाने के समय मौके पर मौजूद थे। पुलिस अब इन नामों और मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) व अन्य तकनीकी सबूतों से जांच करेगी। 8 मामलों में विधायक नामजद पुलिस का दावा है कि तोड़फोड़ के दौरान कई लोग विधायक के भाई सोनू सिंह और कुछ अन्य लोग सीधे विधायक के संपर्क में थे। इस मामले में अब तक कुल 25 प्राथमिकी (केस) दर्ज की गई है, जिनमें से 8 मामलों में विधायक अमित कुमार रानू को नामजद किया गया है। विधायक और उनके भाई के खिलाफ वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह घटना 20 अगस्त को झपहां डीह में हुई थी। उस दिन स्कॉर्पियो, थार, जेसीबी और बाइक से 50 से अधिक लोग मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि इन लोगों ने पहले से बनी चहारदीवारी और निर्माणाधीन मकानों को जेसीबी की मदद से तोड़ दिया। विरोध करने पर लोगों के साथ मारपीट और धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों को धमकाते हुए कहा गया था कि अगर जमीन पर रहना है तो ‘बॉस’ को पैसा देना होगा। इसी मामले में पीड़ित प्रह्लाद कुमार के आवेदन पर अहियापुर थाने में केस दर्ज किया गया था। पूछताछ में सामने आया विधायक और भाई से संपर्क का दावा सिटी एसपी के अनुसार, गिरफ्तार आनंद ने पूछताछ में बताया कि मौके पर मौजूद कुछ लोग लगातार सोनू सिंह के संपर्क में थे। इनमें गोलू उर्फ सौरभ, सनी सिंह और पिंटू शांडिल्य के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, आनंद ने यह भी बताया कि गोलू उर्फ सौरभ उस दौरान विधायक अमित कुमार रानू के सीधे संपर्क में था और फोन पर बात कर रहा था। पुलिस अब इन दावों की पुष्टि सीडीआर, मोबाइल डाटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से करेगी। पुलिस का कहना है कि अभी तक जांच में विधायक और उनके भाई का नाम सामने आया है। हालांकि, पुलिस उनके खिलाफ सामने आए आरोपों और संपर्क के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने में जुटी है। पुलिस के पहुंचते ही मोबाइल तोड़ा, अब फॉरेंसिक से खुलेगा राज आनंद की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को उसका मोबाइल मिला, लेकिन पुलिस के अनुसार उसने कार्रवाई से पहले मोबाइल और सिम तोड़ दिया था। पुलिस का मानना है कि मोबाइल में इस मामले से जुड़े अहम साक्ष्य हो सकते हैं। क्षतिग्रस्त मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। साइबर टीम भी डाटा और संपर्क से जुड़ी जानकारी निकालने की कोशिश करेगी। अब तक पांच गिरफ्तारियां इससे पहले सुमित कुमार श्रीवास्तव, सन्नी सिंह, नन्हे सिंह और छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव की गिरफ्तारी हुई थी। नन्हे सिंह और छोटू यादव को 23 अगस्त को सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित विधायक के कार्यालय से अवैध हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। छोटू के खिलाफ पहले से लूट, डकैती, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास समेत सात मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है। पुलिस के अनुसार, अब तक गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आई जानकारी और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। आनंद ने जिन 19 लोगों के नाम बताए हैं, उनके संबंध में भी पुलिस सत्यापन कर रही है। रिमांड के लिए होगी सुनवाई, आगे और गिरफ्तारी की तैयारी सिटी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए बुधवार को अदालत में आवेदन दिया जाएगा। पुलिस उनसे जमीन विवाद, तोड़फोड़ की पूरी योजना और मौके पर मौजूद अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे भी छापेमारी जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह का नाम सामने आया है। पुलिस इस पूरे मामले में उनके संपर्क, भूमिका और कथित जमीन विवाद से जुड़े कनेक्शन की तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। इसके बाद ही उनकी भूमिका को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी। मुजफ्फरपुर के अहियापुर में जमीन कब्जाने और तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने पांचवीं गिरफ्तारी की है। इस मामले में बेलसंड से लोजपा(रा.) विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान वैशाली के महुआ थाना क्षेत्र निवासी आनंद कुमार के रूप में हुई है। वह वर्तमान में अहियापुर थाना क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस टीम को देखते ही आनंद ने अपना मोबाइल फोन और सिम तोड़ दिया था, ताकि उसमें मौजूद सबूत नष्ट किए जा सके। पुलिस ने क्षतिग्रस्त मोबाइल बरामद कर उसे फॉरेंसिक और साइबर टीम को जांच के लिए भेजा है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान आनंद ने 19 ऐसे लोगों के नाम बताए हैं, जो 20 अगस्त को झपहां डीह में चहारदीवारी तोड़े जाने के समय मौके पर मौजूद थे। पुलिस अब इन नामों और मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) व अन्य तकनीकी सबूतों से जांच करेगी। 8 मामलों में विधायक नामजद पुलिस का दावा है कि तोड़फोड़ के दौरान कई लोग विधायक के भाई सोनू सिंह और कुछ अन्य लोग सीधे विधायक के संपर्क में थे। इस मामले में अब तक कुल 25 प्राथमिकी (केस) दर्ज की गई है, जिनमें से 8 मामलों में विधायक अमित कुमार रानू को नामजद किया गया है। विधायक और उनके भाई के खिलाफ वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह घटना 20 अगस्त को झपहां डीह में हुई थी। उस दिन स्कॉर्पियो, थार, जेसीबी और बाइक से 50 से अधिक लोग मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि इन लोगों ने पहले से बनी चहारदीवारी और निर्माणाधीन मकानों को जेसीबी की मदद से तोड़ दिया। विरोध करने पर लोगों के साथ मारपीट और धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों को धमकाते हुए कहा गया था कि अगर जमीन पर रहना है तो ‘बॉस’ को पैसा देना होगा। इसी मामले में पीड़ित प्रह्लाद कुमार के आवेदन पर अहियापुर थाने में केस दर्ज किया गया था। पूछताछ में सामने आया विधायक और भाई से संपर्क का दावा सिटी एसपी के अनुसार, गिरफ्तार आनंद ने पूछताछ में बताया कि मौके पर मौजूद कुछ लोग लगातार सोनू सिंह के संपर्क में थे। इनमें गोलू उर्फ सौरभ, सनी सिंह और पिंटू शांडिल्य के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, आनंद ने यह भी बताया कि गोलू उर्फ सौरभ उस दौरान विधायक अमित कुमार रानू के सीधे संपर्क में था और फोन पर बात कर रहा था। पुलिस अब इन दावों की पुष्टि सीडीआर, मोबाइल डाटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से करेगी। पुलिस का कहना है कि अभी तक जांच में विधायक और उनके भाई का नाम सामने आया है। हालांकि, पुलिस उनके खिलाफ सामने आए आरोपों और संपर्क के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने में जुटी है। पुलिस के पहुंचते ही मोबाइल तोड़ा, अब फॉरेंसिक से खुलेगा राज आनंद की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को उसका मोबाइल मिला, लेकिन पुलिस के अनुसार उसने कार्रवाई से पहले मोबाइल और सिम तोड़ दिया था। पुलिस का मानना है कि मोबाइल में इस मामले से जुड़े अहम साक्ष्य हो सकते हैं। क्षतिग्रस्त मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। साइबर टीम भी डाटा और संपर्क से जुड़ी जानकारी निकालने की कोशिश करेगी। अब तक पांच गिरफ्तारियां इससे पहले सुमित कुमार श्रीवास्तव, सन्नी सिंह, नन्हे सिंह और छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव की गिरफ्तारी हुई थी। नन्हे सिंह और छोटू यादव को 23 अगस्त को सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित विधायक के कार्यालय से अवैध हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। छोटू के खिलाफ पहले से लूट, डकैती, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास समेत सात मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है। पुलिस के अनुसार, अब तक गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आई जानकारी और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। आनंद ने जिन 19 लोगों के नाम बताए हैं, उनके संबंध में भी पुलिस सत्यापन कर रही है। रिमांड के लिए होगी सुनवाई, आगे और गिरफ्तारी की तैयारी सिटी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए बुधवार को अदालत में आवेदन दिया जाएगा। पुलिस उनसे जमीन विवाद, तोड़फोड़ की पूरी योजना और मौके पर मौजूद अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे भी छापेमारी जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह का नाम सामने आया है। पुलिस इस पूरे मामले में उनके संपर्क, भूमिका और कथित जमीन विवाद से जुड़े कनेक्शन की तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। इसके बाद ही उनकी भूमिका को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।  

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