नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और प्राकृतिक आपदा को देखते हुए राजस्थान सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। पर्यटन, धार्मिक यात्रा और व्यापार के सिलसिले में नेपाल गए राजस्थान के नागरिकों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सहायता तथा त्वरित जानकारी के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। यदि राजस्थान का कोई भी नागरिक नेपाल में इस प्राकृतिक आपदा के बीच फंसा हुआ है, तो उनके परिजन जयपुर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से तुरंत संपर्क साध सकते हैं।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे प्रदेशवासियों की जल्द से जल्द पहचान करना और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन के समन्वय से तत्काल मदद पहुंचाना है।
कई भारतीय लापता
जानकारी के मुताबिक़ नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। इस आपदा में अब तक 163 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और करीब 750 से अधिक लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं। इनमें से 133 भारतीय नागरिक (ज्यादातर कैलाश मानसरोवर के तीर्थयात्री और पर्यटक) लापता हैं।
हालांकि लापता होने वाले भारतीय लोगों में राजस्थान के कितने लोग हैं, इसका सटीक आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, क्योंकि नेपाल में संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। हालांकि, राजस्थान के कई लोगों के वहां फंसे या लापता होने की आशंका को देखते हुए राजस्थान सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने तुरंत कदम उठाए हैं।
राजस्थान के यात्रियों के लिए सरकार चिंतित
नेपाल का रासुवा जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है, जहां हर साल राजस्थान से भी बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। हाल ही में अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण वहां संपर्क मार्ग और स्थानीय ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
नेपाल के बिगड़ते हालात को देखते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक वहां बिना सहायता के न रहे और उनके चिंतित परिजनों को सही व सटीक जानकारी समय पर मिल सके।
इन हेल्पलाइन नंबरों पर कर सकते हैं संपर्क
आपदा प्रबंधन विभाग के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (State Emergency Operation Center) ने टोल-फ्री नंबरों के साथ-साथ कई लैंडलाइन लाइनें और डिजिटल माध्यम सक्रिय कर दिए हैं। नेपाल गए यात्रियों के परिजन निम्नलिखित नंबरों पर कॉल कर सहायता मांग सकते हैं-
टोल-फ्री इमरजेंसी नंबर: 1070 एवं 112
जयपुर ऑफिस दूरभाष नंबर: 0141-2851960, 0141-2385776, 0141-2385777, 0141-2227296, 0141-2927392 एवं 0141-2227603
आपातकालीन IP नंबर: 28888
ई-मेल आईडी: relief-rj@nic.in
भारतीय दूतावास के संपर्क में राजस्थान कंट्रोल रूम
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग का जयपुर स्थित कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है। कंट्रोल रूम के अधिकारी नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के लगातार संपर्क में हैं।
जैसे ही किसी राजस्थानी नागरिक के नेपाल में फंसे होने या लापता होने की सूचना मिलती है, उसकी जानकारी तुरंत काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास को भेजी जा रही है, ताकि ग्राउंड लेवल पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
परिजनों से अपील: तुरंत दें जानकारी
राजस्थान सरकार ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका कोई पारिवारिक सदस्य, रिश्तेदार या परिचित इस समय नेपाल यात्रा पर है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो वे बिना परेशान हुए तुरंत कंट्रोल रूम के नंबरों पर पूरी जानकारी (जैसे नाम, स्थान, पासपोर्ट या आईडी डिटेल और अंतिम लोकेशन) साझा करें।
आधिकारिक आपातकालीन पोर्टल्स पर करें विजिट
आपदा प्रबंधन, राहत अपडेट्स और आधिकारिक दिशा-निर्देशों की प्रामाणिक जानकारी प्राप्त करने के लिए नागरिक राज्य सरकार के पोर्टल्स का उपयोग कर सकते हैं:
आपदा प्रबंधन विभाग की गाइडलाइंस के लिए Disaster Management Rajasthan Portal का अवलोकन करें।
राज्य के मुख्य आपातकालीन आदेशों के लिए State Emergency Operation Center Rajasthan पर विजिट करें।

