‘बचने की उम्मीद नहीं थी,20 मिनट गंगा में तैरते रहे’:2 साथी छटपटाते हुए लहरों के साथ बह गए; 19 लौटे, नाव हादसे की पूरी कहानी

‘बचने की उम्मीद नहीं थी,20 मिनट गंगा में तैरते रहे’:2 साथी छटपटाते हुए लहरों के साथ बह गए; 19 लौटे, नाव हादसे की पूरी कहानी

‘नदी की दूसरी तरफ बांध मरम्मत के लिए हमलोग मिट्‌टी लाने गए थे। उस पार से काम कर लौट रहे थे। रेत और पानी का दबाव बहुत अधिक था। हमें लगा कि पानी नाव में आने लगा है। हमलोग कुछ देखते-समझते तब तक नाव अनबैलेंस हो गई। 6 सेकेंड में पलट गई। हमलोग पानी में कूद गए। हमें तैरना आता था, पर धारा बहुत तेज थी। प्लास्टिक-लकड़ी के सहारे तेज धारा में हम तैरते रहे। 20 मिनट तक मदद नहीं पहुंची। लगा नहीं कि बच पाएंगे। इसके बाद स्टीमर वहां पहुंचा।’ ये कहना है नाव हादसे में जिंदा लौटे मजदूर अभिनंदन कुमार का। कटाव रोकने के लिए बोरियां नदी में डालने के दौरान 21 मजदूरों से भरी नाव गंगा में पलटी थी। 19 मजदूरों को रेस्क्यू किया गया। 2 लापता हैं। पढ़िए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट… सबसे पहले 4 तस्वीरों में देखिए पूरा हादसा तेज लहर आते ही पलट गई नाव प्रत्यक्षदर्शी वेदानंद कुमार ने भास्कर को बताया कि नाव गंगा के उस पास से मजदूरों को लेकर वापस आ रही थी। नाव जैसे-जैसे नदी किनारे आ रही थी, रेत भी बढ़ रही थी। इसी कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया। गंगा की तेज धार नाव को दोबारा बीच धारा की ओर खींच ले गई। इसी दौरान नाव पलट गई। इसी दौरान नदी की तेज लहर आई, जिससे नाव एक तरफ पलट गई। किसी तरह मजदूरों ने अपनी-अपनी जान बचाई। तेज लहर के कारण नदी में भंवर बन रहा पूर्व जिला परिषद सदस्य विवेक कुमार मंडल ने बताया कि राघोपुर में जिस स्थान पर बांध कटा है, वहां बालू लाकर रोज डंप किया जाता था। इसके कारण उस स्थान पर काफी लंबा कटाव हो गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद वहां पानी में तेज भंवर बन रहा है। बुधवार को इसी भंवर और तेज धार के कारण मजदूरों से भरी नाव असंतुलित होकर पलट गई। गंगा की चौड़ाई अभी 6 किमी है। हादसे के बाद एसडीआरएफ की पहुंची और रेस्क्यू में जुट गई। हादसे में पिता हो गए लापता लापता सिकंदर के बेटे मंगल कुमार ने बताया कि मैं घर पर था, तभी फोन से सूचना मिली कि नाव डूब गई है। सूचना मिलने के बाद हमलोग घटनास्थल पर पहुंचे। 2 नाव यहां लाई गई थीं और करीब छह दिनों से नाव से काम किया जा रहा था। हादसे के बाद पिता सिकंदर लापता हैं। वे सिमरिया टोला के रहने वाले हैं और रंगरा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। कटाव रोकने के लिए नदी में डाली जा रही थीं बोरियां ग्रामीण विजय कुमार मंडल ने बताया कि जिस जगह पर बांध टूटा है। वहां पर मरम्मत का काम चल रहा था। गंगा के उसपार से मिट्‌टी से भरी बोरियां लाकर डाली जा रही थी। जहां नाव पलटी वहां से तटबंध करीब 50 मीटर दूर था। इतनी दूरी में बोरियां डालने का काम चल रहा था। आसपास अन्य नाव खड़ी थी। कुछ नाव का अगल-बगल से आना-जाना हो रहा था। दो दिन पहले टूटा था तटबंध बताया जा रहा है कि राघोपुर में करीब 2 दिन पहले रात लगभग तीन बजे तटबंध टूट गया था। तटबंध टूटने के बाद इलाके में कटाव तेजी से बढ़ने लगा। कटाव को रोकने और तटबंध को सुरक्षित करने के लिए जल संसाधन विभाग की ओर से फ्लड फाइटिंग का काम शुरू कराया गया था। फ्लड फाइटिंग के तहत गंगा के तेज बहाव वाले हिस्से में बालू से भरी बोरियां और अन्य सामग्री डालकर कटाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा था। मजदूर नाव से कटाव स्थल तक पहुंचकर काम कर रहे थे। इसी दौरान बुधवार को नाव पलटी। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। लापता लोगों की तलाश लगातार जारी जिला प्रशासन के अनुसार जो दो लोग लापता हुए हैं उनकी तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। नदी में संभावित स्थानों पर टीम तलाशी अभियान चला रही है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों और बचाव दलों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। राहत और बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। DM बोलीं- ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज होगा जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बताया कि नाव हादसे के समय कुल 21 लोग सवार थे, जिनमें से 19 लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हादसे के बाद सिकंदर मंडल और बादल मंडल अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नदी में भंवर बनने के कारण नाव पलटी है। ‘नदी की दूसरी तरफ बांध मरम्मत के लिए हमलोग मिट्‌टी लाने गए थे। उस पार से काम कर लौट रहे थे। रेत और पानी का दबाव बहुत अधिक था। हमें लगा कि पानी नाव में आने लगा है। हमलोग कुछ देखते-समझते तब तक नाव अनबैलेंस हो गई। 6 सेकेंड में पलट गई। हमलोग पानी में कूद गए। हमें तैरना आता था, पर धारा बहुत तेज थी। प्लास्टिक-लकड़ी के सहारे तेज धारा में हम तैरते रहे। 20 मिनट तक मदद नहीं पहुंची। लगा नहीं कि बच पाएंगे। इसके बाद स्टीमर वहां पहुंचा।’ ये कहना है नाव हादसे में जिंदा लौटे मजदूर अभिनंदन कुमार का। कटाव रोकने के लिए बोरियां नदी में डालने के दौरान 21 मजदूरों से भरी नाव गंगा में पलटी थी। 19 मजदूरों को रेस्क्यू किया गया। 2 लापता हैं। पढ़िए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट… सबसे पहले 4 तस्वीरों में देखिए पूरा हादसा तेज लहर आते ही पलट गई नाव प्रत्यक्षदर्शी वेदानंद कुमार ने भास्कर को बताया कि नाव गंगा के उस पास से मजदूरों को लेकर वापस आ रही थी। नाव जैसे-जैसे नदी किनारे आ रही थी, रेत भी बढ़ रही थी। इसी कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया। गंगा की तेज धार नाव को दोबारा बीच धारा की ओर खींच ले गई। इसी दौरान नाव पलट गई। इसी दौरान नदी की तेज लहर आई, जिससे नाव एक तरफ पलट गई। किसी तरह मजदूरों ने अपनी-अपनी जान बचाई। तेज लहर के कारण नदी में भंवर बन रहा पूर्व जिला परिषद सदस्य विवेक कुमार मंडल ने बताया कि राघोपुर में जिस स्थान पर बांध कटा है, वहां बालू लाकर रोज डंप किया जाता था। इसके कारण उस स्थान पर काफी लंबा कटाव हो गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद वहां पानी में तेज भंवर बन रहा है। बुधवार को इसी भंवर और तेज धार के कारण मजदूरों से भरी नाव असंतुलित होकर पलट गई। गंगा की चौड़ाई अभी 6 किमी है। हादसे के बाद एसडीआरएफ की पहुंची और रेस्क्यू में जुट गई। हादसे में पिता हो गए लापता लापता सिकंदर के बेटे मंगल कुमार ने बताया कि मैं घर पर था, तभी फोन से सूचना मिली कि नाव डूब गई है। सूचना मिलने के बाद हमलोग घटनास्थल पर पहुंचे। 2 नाव यहां लाई गई थीं और करीब छह दिनों से नाव से काम किया जा रहा था। हादसे के बाद पिता सिकंदर लापता हैं। वे सिमरिया टोला के रहने वाले हैं और रंगरा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। कटाव रोकने के लिए नदी में डाली जा रही थीं बोरियां ग्रामीण विजय कुमार मंडल ने बताया कि जिस जगह पर बांध टूटा है। वहां पर मरम्मत का काम चल रहा था। गंगा के उसपार से मिट्‌टी से भरी बोरियां लाकर डाली जा रही थी। जहां नाव पलटी वहां से तटबंध करीब 50 मीटर दूर था। इतनी दूरी में बोरियां डालने का काम चल रहा था। आसपास अन्य नाव खड़ी थी। कुछ नाव का अगल-बगल से आना-जाना हो रहा था। दो दिन पहले टूटा था तटबंध बताया जा रहा है कि राघोपुर में करीब 2 दिन पहले रात लगभग तीन बजे तटबंध टूट गया था। तटबंध टूटने के बाद इलाके में कटाव तेजी से बढ़ने लगा। कटाव को रोकने और तटबंध को सुरक्षित करने के लिए जल संसाधन विभाग की ओर से फ्लड फाइटिंग का काम शुरू कराया गया था। फ्लड फाइटिंग के तहत गंगा के तेज बहाव वाले हिस्से में बालू से भरी बोरियां और अन्य सामग्री डालकर कटाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा था। मजदूर नाव से कटाव स्थल तक पहुंचकर काम कर रहे थे। इसी दौरान बुधवार को नाव पलटी। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। लापता लोगों की तलाश लगातार जारी जिला प्रशासन के अनुसार जो दो लोग लापता हुए हैं उनकी तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। नदी में संभावित स्थानों पर टीम तलाशी अभियान चला रही है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों और बचाव दलों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। राहत और बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। DM बोलीं- ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज होगा जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बताया कि नाव हादसे के समय कुल 21 लोग सवार थे, जिनमें से 19 लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हादसे के बाद सिकंदर मंडल और बादल मंडल अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नदी में भंवर बनने के कारण नाव पलटी है।  

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