पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों के खाली बर्तनों के साथ किया प्रदर्शन

पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों के खाली बर्तनों के साथ किया प्रदर्शन

भण्डेड़ा के फलास्थुनी गांव में एक माह से टैंकर बंद

भण्डेड़ा @ पत्रिका. क्षेत्र की ग्राम पंचायत मरां के फलास्थुनी गांव में फ्लोराइड युक्त पानी की समस्या है। जलदाय विभाग ने पेयजल के लिए टैंकरों की व्यवस्था की थी, जिन्हें गत 31 जुलाई से बंद कर दिया गया है। इसके बाद से गांव में मीठे पानी के लिए ग्रामीण तरस रहे हैं। स्थानीय लोगों में जलदाय विभाग के प्रति आक्रोश है, जो बुधवार को फूट पड़ा। ग्रामीण एक स्थान पर एकत्रित होकर खाली बर्तनों के साथ आधे घंटे तक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मौके पर अपनी समस्या बताई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सभी हैंडपंपों और नलकूपों में फ्लोराइड युक्त पानी है, जिससे मीठे पानी का संकट बना हुआ है। पेयजल समस्या को लेकर विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है। विभाग ने टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की थी, जिसे 31 जुलाई से बंद कर दिया गया है। इसके बाद से गांव में पेयजल संकट गहरा गया है, और पीने का पानी जुटाने के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। महावीर चेची, भेरूलाल खटाणा, रामदेव चेची, राजाराम चेची, मायाराम गुर्जर, दयाराम गुर्जर, रामलाल, बाबूलाल गुर्जर, भोजराज गुर्जर, महावीर, देवराज, स्वराज, जगदीश गुर्जर, मुकेश आदि ग्रामीणों ने बताया कि रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार पर दूर-दराज से बहनें और बेटियां आएंगी, लेकिन गांव में पीने के पानी के लिए अभी भी भागदौड़ी करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने शीघ्र पेयजल समस्या निवारण की मांग की।
चंबल परियोजना चालू होने पर ही पानी मिल पाएगा। गांव में पूरे समय टैंकर नहीं लगाए जा सकते। उन्होंने कहा कि यदि नलकूप बंद हैं, तो उन्हें ग्राम पंचायत को चालू करवाना चाहिए, यह उनके अधीन नहीं है।
सुरेंद्र कुमार बैरवा, एईएन, जलदाय विभाग, नैनवां

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