बुरहानपुर में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर दाऊदी बोहरा समाज ने नातिया मजलिस का आयोजन किया। इसमें पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में नातें पेश की गईं। आयोजन का उद्देश्य भाईचारे और सौहार्द का संदेश देना था। मजलिस में बुरहानपुर के स्थानीय शायरों और कादरिया स्कूल के बच्चों ने नातें पेश कीं। उनकी प्रस्तुतियों की मौजूद लोगों ने सराहना की। सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब के प्रतिनिधि हैदर जमाली और यूसुफ जमाली ने मेहमानों का स्वागत किया। शहर के शायर जलील अहमद, एजाज उम्मीदी, इकबाल अंसारी और जानी पहलवान ने भी नातिया कलाम पेश किए। तस्वीरें देखें… शांति और भाईचारे का संदेश दाऊदी बोहरा समाज के को-ऑर्डिनेटर तफज्जुल हुसैन मुलायम ने बताया कि मजलिस का उद्देश्य पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जीवन, मूल्यों और शिक्षाओं को याद करना है। उन्होंने शांति, आपसी प्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। पूर्व विधायक हमीद काजी, परवेज सलामत और वाजिद इकबाल ने भी नातिया प्रस्तुतियों की सराहना की। ————— ये खबर भी पढ़ें… 4 बीवियां, पर्दा, तलाक और नमाज के नियम क्यों बनाए:पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन पर जानिए, कैसे वो अपने समय से आगे थे छठी सदी का अरब। छोटे-छोटे कबीलों में बंटे लोग। रातें शराब-शायरी में डूबी रहतीं और दिन जमीन-औरतों के लिए लड़ाइयां करने में फना हो जाते। कबीलाई रंजिशें पीढ़ियों तक चलतीं। पूरी खबर पढ़ें…

