नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में भी फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है। नेपाल से आने वाली नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती जिलों के साथ मुजफ्फरपुर को भी अलर्ट किया गया है। गंडक नदी में जलस्तर वृद्धि की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। मुजफ्फरपुर डीएम कुमार गौरव और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बुधवार को रेवा घाट पहुंचकर गंडक नदी और आसपास के इलाकों की स्थिति का जायजा लिया। संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन का 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिया गया है। दियारा क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क रहने और नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखने की अपील की जा रही है। अभी खतरे के निशान से नीचे, लेकिन बढ़ रहा जलस्तर फिलहाल मुजफ्फरपुर से होकर गुजरने वाली गंडक, बूढ़ी गंडक और बागमती नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। हालांकि, नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में अगले 24 घंटे को प्रशासन ने बेहद महत्वपूर्ण माना है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में दियारा इलाकों में बाढ़, तेज कटाव, फसलों को नुकसान और छोटे पुल-पुलियों पर असर पड़ने की आशंका है। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी भी रखी गई है। पारू, सरैया और साहेबगंज पर विशेष नजर गंडक के संभावित बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। सीतामढ़ी और शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों में भी लगातार निगरानी के निर्देश हैं। मुजफ्फरपुर में पारू, सरैया और साहेबगंज के गंडक दियारा क्षेत्र पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की है। नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में भी फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है। नेपाल से आने वाली नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती जिलों के साथ मुजफ्फरपुर को भी अलर्ट किया गया है। गंडक नदी में जलस्तर वृद्धि की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। मुजफ्फरपुर डीएम कुमार गौरव और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बुधवार को रेवा घाट पहुंचकर गंडक नदी और आसपास के इलाकों की स्थिति का जायजा लिया। संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन का 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिया गया है। दियारा क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क रहने और नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखने की अपील की जा रही है। अभी खतरे के निशान से नीचे, लेकिन बढ़ रहा जलस्तर फिलहाल मुजफ्फरपुर से होकर गुजरने वाली गंडक, बूढ़ी गंडक और बागमती नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। हालांकि, नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में अगले 24 घंटे को प्रशासन ने बेहद महत्वपूर्ण माना है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में दियारा इलाकों में बाढ़, तेज कटाव, फसलों को नुकसान और छोटे पुल-पुलियों पर असर पड़ने की आशंका है। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी भी रखी गई है। पारू, सरैया और साहेबगंज पर विशेष नजर गंडक के संभावित बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। सीतामढ़ी और शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों में भी लगातार निगरानी के निर्देश हैं। मुजफ्फरपुर में पारू, सरैया और साहेबगंज के गंडक दियारा क्षेत्र पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की है।

