औरैया की जैतापुर ग्राम पंचायत में किसानों को कृषि मशीनरी और सेवाओं की उपलब्धता आसान बनाने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें युवा उद्यमी उदय गौतम की ओर से शुरू किए गए एग्री-टेक प्लेटफॉर्म ‘AI कृषि प्राइवेट लिमिटेड’ की जानकारी किसानों को दी गई। टीम ने किसानों को बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए खेती के लिए जरूरी मशीनों की जानकारी और उनकी बुकिंग एक ही जगह से की जा सकेगी। किसानों को खेती के अलग-अलग चरणों में ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, कंबाइन हार्वेस्टर, स्प्रेयर और रीपर जैसी मशीनों की जरूरत पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर मशीन नहीं मिलना, मशीन मालिकों का संपर्क नंबर तलाशना और किराये की जानकारी अलग-अलग जगह से जुटाना किसानों के लिए परेशानी का कारण बनता है। ‘AI कृषि’ इसी समस्या को कम करने की दिशा में काम कर रहा है। प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान अपने आसपास उपलब्ध कृषि मशीनों और सेवाओं की जानकारी ले सकेंगे। जरूरत के अनुसार मशीन बुक भी की जा सकेगी। इसका उद्देश्य किसानों, कृषि मशीन मालिकों और मशीन ऑपरेटरों को एक डिजिटल मंच पर जोड़ना है, जिससे मशीनरी की उपलब्धता और उपयोग को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सके। एक प्लेटफॉर्म पर मिलेगी मशीनों की जानकारी कार्यक्रम में ‘AI कृषि’ की टीम ने बताया कि किसान अपनी जरूरत के अनुसार उपलब्ध मशीनों की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इससे उन्हें अलग-अलग मशीन मालिकों से संपर्क करने और किराये की जानकारी जुटाने में लगने वाला समय कम होगा। टीम ने किसानों से संवाद कर उनकी कृषि संबंधी समस्याओं और मशीनरी की जरूरतों को भी समझा। साथ ही किसानों और मशीन मालिकों को प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए जागरूक किया गया। AI और GPS से और आसान होगी मशीन बुकिंग भविष्य में प्लेटफॉर्म पर AI आधारित मशीन रिकमेंडेशन, GPS आधारित मैचिंग, वॉयस असिस्टेंस और स्मार्ट बुकिंग जैसी सुविधाएं जोड़ने की योजना है। इससे किसान अपनी जरूरत और क्षेत्र के हिसाब से उपयुक्त मशीन तलाश सकेंगे। GPS आधारित व्यवस्था के जरिए किसान के आसपास उपलब्ध मशीनों की पहचान और मशीन मालिकों से संपर्क को आसान बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। ‘सिर्फ ऐप नहीं, किसानों की समस्या का समाधान करना लक्ष्य’ युवा उद्यमी उदय गौतम ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ एक ऐप तैयार करना नहीं है। लक्ष्य ऐसी व्यवस्था बनाना है, जिससे किसानों को खेती के लिए जरूरी मशीनें सही समय पर आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि ‘AI कृषि’ को संस्कृति विश्वविद्यालय से सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त है। टीम आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों और कृषि मशीनरी मालिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम करेगी। कार्यक्रम में राम कुमार शर्मा, प्रधान प्रतिनिधि अनुज यादव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

