Alwar Triple Murder Case: तारीख थी 12 फरवरी 2024 और जगह थी वैशाली नगर थाना क्षेत्र में बख्तल की चौकी के समीप सीवरेज का एक कुआं। इस कुएं से 35 वर्षीय महिला फरमीना, उसके 12 वर्षीय पुत्र दिलशान और 9 वर्षीय बेटी सफीना के शव मिले थे। दोनों बच्चों ने जो कपड़े पहने हुए थे, उन पर राजस्थान मदरसा बोर्ड के टैग लगे हुए थे। बाद में यह बात सामने आई थी कि दोनों बच्चे 6 फरवरी से मदरसे से अनुपस्थित चल रहे थे। इसके बाद पुलिस की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ था कि फरमीना और उसके दोनाें बच्चों की हत्या की गई थी। इस हत्याकांड को अंजाम देने वाला इसराइल उर्फ इस्सी था, जो फरमीना का ही कथित प्रेमी था। फरमीना किसी दूसरे युवक से मिलती-जुलती रहती थी, इससे नाराज होकर इसराइल उर्फ इस्सी ने इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। इसराइल उर्फ इस्सी को अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-4 प्रदीप कुमावत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 60 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
इसलिए की थी हत्या
अपर लोक अभियोजक कुलदीप कुमार जैन ने बताया कि इसराइल उर्फ इस्सी की फरमीना से मुलाकात वर्ष 2020 में हुई थी। दोनों के बीच संबंध बने और बाद में वे पति-पत्नी की तरह रहने लगे। मार्च 2023 से दोनों अलवर के ट्रांसपोर्ट नगर में रह रहे थे। बाद में फरमीना की पहचान राज नाम के युवक से हो गई और वह उससे मोबाइल पर बातचीत करने लगी। यह बात इसराइल को नागवार गुजरी। 3 फरवरी को फरमीना ने उसके सामने राज के साथ दोस्ती होने की बात कही। इससे नाराज होकर उसने फरमीना के साथ मारपीट की। इसके बाद जब उसके दोनों बच्चे मदरसे से घर लौटे तो इसराइल उर्फ इस्सी ने उन्हें खाने का सामान लेने भेज दिया। इसके बाद उसने फरमीना का गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में दोनों बच्चों को भी एक-एक कर गला दबाकर मार डाला था।
पांच दिन तक घर में रखे थे शव, फिर कुएं में फेंके
इसराइल उर्फ इस्सी ने हत्या करने के बाद तीनों शवों को एक कमरे में रखकर कंबल से ढक दिया था। वह 10 फरवरी की रात को कार लेकर ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचा और तीनों शव कार में रखे। इसके बाद बख्तल की चौकी के पास सीवरेज लाइन के कुएं तक पहुंचा। उसने तीनों शव कुएं में डाल दिए और वापस घर आ गया। मामले की जांच तत्कालीन प्रशिक्षु आइपीएस रोशन मीणा ने की थी, जो वर्तमान में टोंक एसपी हैं। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर कांड का खुलासा करते हुए इसराइल उर्फ इस्सी पुत्र दीन मोहम्मद नविपासी काले खां का बास, घेघोली थाना एमआइए को गिरफ्तार किया था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 33 गवाह और 151 दस्तावेजी साक्ष्य प्रदर्शित कराए जिनके आधार पर न्यायालय ने सजा सुनाई है।

