कानपुर के जाजमऊ में मंगलवार रात 9 बजे जश्न-ए-चरागां के अवसर पर क्षेत्र की गलियां और प्रमुख चौराहे रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे। शीतला बाजार से लेकर सरैया चौराहा, दरगाह शरीफ, केडीए, लालबंगला, मोतीनगर और बुढ़ियाघाट सहित कई इलाकों में विशेष लाइटिंग और आकर्षक सजावट की गई है। इस दौरान जगह-जगह बनाए गए भव्य धार्मिक गेट लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। जाजमऊ के सरैया चौराहा पर आकिब जुबैर की कमेटी ने मदीना शरीफ का एक भव्य गेट बनवाया है। इसकी लागत लगभग 6.50 लाख रुपये बताई गई है। गेट की खूबसूरत नक्काशी और आकर्षक डिजाइन तैयार करने के लिए विशेष रूप से बंगाल से कारीगर बुलाए गए थे। यह गेट अपनी भव्यता से लोगों को आकर्षित कर रहा है। इसी तरह, गल्ला गोदाम क्षेत्र में नावेद आलम की कमेटी ने मक्का शरीफ की एक प्रतिकृति तैयार कराई है, जिस पर करीब 7 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इसे कानपुर के स्थानीय कारीगरों ने बनाया है। प्रतिकृति के आसपास आकर्षक सजावट के साथ विशेष लेजर लाइटिंग लगाई गई है, जो रात के समय श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। केडीए निवासी आसिफ जिलानी और राजू की कमेटी ने लगभग चार लाख रुपये की लागत से चार मिनारी मस्जिद के स्वरूप वाला एक गेट बनवाया है। इस गेट को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है, जिससे रात में इसका स्वरूप और भी भव्य दिखाई देता है। जाजमऊ के विभिन्न इलाकों में की गई इन सजावटों से पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना हुआ है। शीतला बाजार, सरैया, तड़बगिया, दरगाह शरीफ, केडीए, लालबंगला, मोतीनगर और बुढ़ियाघाट सहित अन्य स्थानों पर विशेष लाइटें लगाई गई हैं। शाम ढलते ही इन इलाकों में रोशनी की चमक देखते ही बन रही है, जिससे स्थानीय लोग इस सजावट को धार्मिक रंग में रंगा हुआ बता रहे हैं।

