‘सेना के बड़े हिस्से को सैलरी नहीं दे रहा, लोगों को मार रहा ईरान’, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तेहरान पर तीखा हमला

‘सेना के बड़े हिस्से को सैलरी नहीं दे रहा, लोगों को मार रहा ईरान’, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तेहरान पर तीखा हमला

Donald Trump on Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान अपनी सेना के बड़े हिस्से को भुगतान नहीं कर पा रहा है और देश में प्रदर्शनकारियों की हत्या की जा रही है। ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह दावा किया। उन्होंने ईरान की स्थिति को बहुत बड़ी मानवीय त्रासदी बताया और कहा कि इसे तुरंत रोकना होगा।

ट्रंप ने ईरान पर क्या आरोप लगाए?

ट्रंप ने कहा कि ईरान की इस्लामिक सरकार अपनी सेना के बड़े हिस्से को सैलरी नहीं दे रही है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी अधिकारी प्रदर्शनकारियों को भी मार रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि कुछ लोगों की हत्या तब भी की जा रही है जब वे प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस स्तर पर हिंसा पहले कभी नहीं देखी गई।

पहले भी ईरान को लेकर कर चुके हैं बड़ा दावा

ट्रंप ने इससे एक दिन पहले भी ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि ईरान पूरी तरह ढह रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका और रिपब्लिकन पार्टी ईरान समेत कई मोर्चों पर जीत हासिल कर रहे हैं। ट्रंप ने ईरान के हालात को ‘आर्थिक और सैन्य पतन की ओर बढ़ता संकट’ बताया था। ट्रंप के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब उनका प्रशासन ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

अमेरिका ने शुरू किया ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ शुरू करने का ऐलान किया है। बेसेंट के मुताबिक, इस अभियान का मकसद ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क से अलग करना है। अमेरिका ईरानी सरकार को मिलने वाले राजस्व के स्रोतों पर भी दबाव बढ़ाना चाहता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने ऐसे नेटवर्क की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल ईरान तेल बेचने और प्रतिबंधों से बचने के लिए करता है।

डिजिटल एसेट्स और शिपिंग पर भी बढ़ेगा दबाव

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान से जुड़ी गतिविधियों पर प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया है। इसमें डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी और शिपिंग से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल हैं।
बेसेंट ने कहा कि ईरान के सामने अब दो रास्ते हैं। पहला रास्ता वैश्विक अलगाव और कमजोर अर्थव्यवस्था का है। दूसरा रास्ता सामान्य स्थिति की ओर लौटने और वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से शामिल होने का है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ आर्थिक संबंध रखने वाले देशों से भी बात कर रहा है। इसके लिए प्रशासन ‘शांत कूटनीति’ का रास्ता अपना रहा है।

ईरान पर बढ़ रहा अमेरिकी आर्थिक दबाव

अमेरिकी प्रशासन की ताजा कार्रवाई से ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ता दिख रहा है। वॉशिंगटन का कहना है कि उसका लक्ष्य ईरान की उन आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगाना है, जिनसे उसकी सरकार को राजस्व मिलता है। वहीं, ट्रंप ने ईरान की आंतरिक स्थिति को लेकर मानवीय संकट की बात कही है।

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