संभल में भारतीय किसान यूनियन (असली) ने प्रस्तावित औद्योगिक गलियारों और नए एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध किया है। मंगलवार को हुई महापंचायत में किसानों ने अपनी जमीन न देने का फैसला लेते हुए जिलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। यह महापंचायत मंगलवार दोपहर 03 बजे से 05 बजे तक तहसील संभल के थाना कैलादेवी क्षेत्र के गांव अमावती में आयोजित की गई थी। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर नायब तहसीलदार अरविंद कुमार को ज्ञापन सौंपा। भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए दर्जनों गांवों की जमीन ली जा रही है। इसके अतिरिक्त, अलीगढ़ से मुरादाबाद के लिए एक नया एक्सप्रेस-वे भी प्रस्तावित है।
किसानों का तर्क है कि अलीगढ़-मुरादाबाद के बीच पहले से एक राष्ट्रीय राजमार्ग मौजूद है, जिसे चौड़ा कर छह या आठ लेन का बनाया जा सकता है। नया एक्सप्रेस-वे बनाकर सैकड़ों गांवों की जमीन छीनने का कोई औचित्य नहीं है। पहले एक्सप्रेस-वे के लिए कानून के अनुसार जमीन दी गई थी, लेकिन अब औद्योगिक गलियारे के लिए जमीन लेने पर उन्हें आपत्ति है। उनका आरोप है कि सरकार ने 2014 के बाद से सर्किल रेट नहीं बढ़ाए हैं, जबकि कानून में बाजार भाव का चार गुना मुआवजा देने का प्रावधान है।
अध्यक्ष ने बताया कि किसानों को 12-13 लाख रुपये प्रति बीघा मुआवजा दिया जाएगा, जबकि सरकार इसे उद्योगपतियों को 35-40 लाख रुपये प्रति बीघा में बेचेगी। किसानों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन औद्योगिक गलियारों के लिए नहीं देंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी उद्योगपति को जमीन चाहिए, तो वे सीधे किसानों से बात करें या देश में उपलब्ध खाली भूमि का उपयोग करें। महापंचायत में जिलाध्यक्ष राजपाल यादव, चौधरी संजीव गांधी, टिंकू यादव, मेवाराम, मुनेश कुमार, जयवीर सिंह यादव, चंद्रप्रकाश शर्मा, नईम अहमद, महबूब हुसैन, वारिस, धर्मपाल सिंह एड, वीर सिंह यादव, मुशर्रफ, मोहम्मद हफीज, जोगिंदर सिंह, अमरपाल यादव, पवन सिंह, दिनेश कुमार आर्य, मोरध्वज, राहिल सहित सैकड़ो किसान मौजूद रहे।

