शिवपुरी में दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट नहीं पहनना शिवपुरी जिले में लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 से जुलाई 2026 तक बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने से जुड़े 633 सड़क हादसे हुए, जिनमें 128 लोगों की मौत हुई। लगातार बढ़ रहे हादसों को देखते हुए यातायात पुलिस ने अब हेलमेट को लेकर विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया है। अभियान के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, पुलिस का फोकस केवल चालान काटने तक सीमित नहीं है। जो वाहन चालक चेकिंग के दौरान हेलमेट लेकर पहुंच रहे हैं, उन्हें समझाइश देकर छोड़ा जा रहा है। 19 महीने में 633 हादसे, 128 लोगों की मौत पुलिस के आंकड़े सड़क सुरक्षा की गंभीर तस्वीर सामने रखते हैं। जनवरी 2025 से जुलाई 2026 के बीच जिले में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने के दौरान 633 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। इन हादसों में 128 लोगों की जान चली गई। यानी औसतन हर महीने दर्जनों हादसे हुए और कई परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया। पुलिस का मानना है कि हेलमेट का इस्तेमाल हादसे के दौरान सिर में लगने वाली गंभीर चोटों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। चेकिंग में बिना हेलमेट मिले तो चालान इसी स्थिति को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर में विशेष हेलमेट चेकिंग अभियान शुरू किया है। चेकिंग पॉइंट पर दोपहिया वाहन चालकों को रोककर हेलमेट की जांच की जा रही है। बिना हेलमेट वाहन चलाते मिले लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि वाहन चालकों में हेलमेट पहनने की आदत विकसित हो। हेलमेट साथ लेकर पहुंचे तो समझाइश देकर छोड़ा अभियान की खास बात यह है कि पुलिस केवल दंडात्मक कार्रवाई पर जोर नहीं दे रही। चेकिंग के दौरान कुछ ऐसे वाहन चालक भी पहुंचे, जिनके पास हेलमेट था, लेकिन उन्होंने उसे पहना नहीं था। ऐसे लोगों को यातायात पुलिस ने समझाइश दी और बिना चालान किए छोड़ दिया। पुलिस का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि हेलमेट केवल पुलिस से बचने के लिए नहीं, बल्कि दुर्घटना के समय अपनी जान बचाने के लिए पहनना जरूरी है। पहले दिन 60 चालान, 100 से ज्यादा को समझाइश विशेष अभियान के पहले दिन यातायात पुलिस ने 60 दोपहिया वाहन चालकों के चालान काटे। वहीं, 100 से अधिक लोगों को समझाइश देकर छोड़ा गया, जो चेकिंग स्थल पर हेलमेट लेकर पहुंचे थे।पुलिस की इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट है कि अभियान में चालान के साथ जागरूकता को भी प्राथमिकता दी जा रही है। यातायात प्रभारी बोले- मकसद परेशान करना नहीं यातायात प्रभारी रणवीर सिंह यादव ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य चालान काटकर लोगों को परेशान करना नहीं है। मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना बेहद जरूरी है। दुर्घटना के दौरान हेलमेट सिर को गंभीर चोट से बचाने में मदद कर सकता है। एक छोटी सी सावधानी किसी व्यक्ति की जान बचाने के साथ उसके पूरे परिवार को सुरक्षित रख सकती है। पुलिस की अपील- हेलमेट पहनकर ही निकलें यातायात पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों से अपील की है कि घर से निकलते समय हेलमेट जरूर पहनें। केवल हेलमेट साथ रखना पर्याप्त नहीं है, उसे सही तरीके से सिर पर लगाना भी जरूरी है। पुलिस के मुताबिक, हेलमेट चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। 633 हादसे और 128 मौतों के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में हेलमेट पहनना नियम के साथ-साथ खुद और परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है।

