भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के घटक दलों ने आगामी सभी चुनाव मिलकर लड़ने और एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी तरह की आलोचनात्मक या विरोधाभासी टिप्पणी न करने का निर्णय लिया है। उनका यह बयान हाल में सामने आए उन विवादों की पृष्ठभूमि में आया है, जिनमें भाजपा नेताओं द्वारा अन्य नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र के इस्तेमाल वाले ऑडियो और शिवसेना विधायकों द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के खिलाफ की गई बयानबाजी शामिल है। महायुति गठबंधन के प्रमुख घटक दलों में भाजपा, एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राकांपा शामिल हैं।
गठबंधन नेताओं की बैठक के बाद बावनकुले ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भले ही आगामी चुनाव स्थानीय निकाय के हों, यह फैसला लिया गया है कि उन्हें महायुति के रूप में मिलकर लड़ा जाएगा। महायुति का फॉर्मूला सभी के लिए अनिवार्य होगा और कोई भी एक-दूसरे पर टीका-टिप्पणी नहीं करेगा।’’
उन्होंने कहा कि इस बैठक में तीनों प्रमुख दलों के प्रतिनिधि और छह मंत्री शामिल हुए। बावनकुले ने कहा, ‘‘जब आप महायुति का हिस्सा हैं, तो आपस में कोई विरोधाभासी बयान नहीं होना चाहिए।
किसी को भी अपने सहयोगियों की आलोचना नहीं करनी चाहिए।’’
महाराष्ट्र में नेतृत्व परिवर्तन या मुख्यमंत्री बदलने के सवाल पर बावनकुले ने कहा कि इसका कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्षी दल उन्हें (देवेंद्र फडणवीस को) हटाने की बातें इसलिए करते हैं क्योंकि उनके मुख्यमंत्री रहते वे अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। जब हमें इतना बड़ा जनादेश मिला है, तो हम सरकार के मुखिया को बदलने के लिए क्यों जाएंगे?’’
भाजपा नेता ने कहा कि गठबंधन के सहयोगियों ने विकास निधि के उपयोग पर भी चर्चा की और सभी दलों के बीच अधिक प्रभावी संवाद बनाए रखने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘महायुति में लगभग 12 राजनीतिक दल हैं, जहां सभी दलों के साथ अधिक प्रभावी संवाद बनाए रखा जाएगा।’’
बावनकुले ने कहा, ‘‘चाहे चुनाव हों, एजेंडा हो, जनता से किए गए हमारे वादे महायुति के रूप में पूरे किए जाएंगे।’’
उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 170 नगर निकाय और 650 से अधिक सदस्य हैं, और गठबंधन एक महीने के भीतर इन निगमों में नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी कर लेगा। उन्होंने कहा, ‘‘सभी दल इस पर सहमत हो गए हैं।’’
बावनकुले ने कहा कि जिला प्रभारी मंत्रियों को भी विकास निधि के उपयोग और अपनाए जाने वाले फॉर्मूले का विवरण दे दिया गया है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र का कायाकल्प कर रही है और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए धन का उपयोग करेगी।
मंत्री ने कहा, ‘‘यह एक साल में नहीं होगा, लेकिन हम प्रगति कर रहे हैं।’’
जनजातीय विकास विभाग के छात्रावासों में दाखिले के इच्छुक छात्रों की समस्या उठाने वाली एक आदिवासी युवती को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा समर्थन दिए जाने पर बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस पहले ही इस मामले को देख रहे हैं। उन्होंने कहा, “30 वर्ष से अधिक उम्र वाले उन छात्रों का मामला मुख्यमंत्री फडणवीस पहले ही देख रहे हैं, जो जनजातीय विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में रहना चाहते हैं। राहुल को कोई भी टिप्पणी करने से पहले मामले की पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए थी।”
राहुल के कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ के दौरान युवती ने इस मुद्दे को उठाया था और लोकसभा में विपक्ष के नेता ने समर्थन जताया था।

