मौसम और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर कांगड़ा घाटी रेल सेवा को एहतियातन पूरी तरह स्थगित कर दिया गया है। रेल सेवा बंद होने से पठानकोट से कांगड़ा, पालमपुर, बैजनाथ और जोगिंदर नगर जाने वाले सैकड़ों दैनिक यात्रियों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। रेल अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण रेलवे ट्रैक के आसपास भूस्खलन और मिट्टी खिसकने का खतरा बढ़ गया है। पठानकोट रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फिरोजपुर रेल मंडल ने अगले आदेशों तक नैरो-गेज मार्ग पर चलने वाली सभी ट्रेनों का संचालन बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। पहाड़ों से भूस्खलन और जलभराव बना बड़ी वजह रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने के लिए एक एहतियाती कदम के रूप में उठाया गया है। क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण पटरियों पर पानी भरने, भूस्खलन होने, मलबा जमा होने और चट्टानों व पेड़ों के गिरने का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है। यात्रियों को बसों और निजी वाहनों का लेना पड़ेगा सहारा कांगड़ा घाटी रेल सेवा स्थगित होने के कारण कांगड़ा, नगरोटा बगवां, पालमपुर, बैजनाथ और जोगिंदर नगर जाने वाले यात्रियों को अब पंजाब और हिमाचल रोडवेज की बसों या निजी वाहनों से यात्रा करनी पड़ेगी। रद्द और प्रभावित ट्रेनें इस प्राकृतिक व्यवधान के कारण ट्रेन संख्या 52473 (बैजनाथ-पपरोला से जोगिंदरनगर) और ट्रेन संख्या 52472 (जोगिंदरनगर से बैजनाथ-पपरोला) का संचालन पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा सुरक्षा जांच और पटरियों के आकलन के चलते बैजनाथ-पपरोला से पठानकोट के बीच चलने वाली रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। विरासत और स्थानीय संपर्क के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण पठानकोट को जोगिंदरनगर से जोड़ने वाली यह नैरोगेज रेलवे लाइन सिर्फ परिवहन का एक जरिया मात्र नहीं है। यह कांगड़ा घाटी और आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों की आवाजाही का एक मुख्य आधार है, साथ ही कांगड़ा घाटी की प्राकृतिक सुंदरता को निहारने आने वाले पर्यटकों के बीच भी बेहद लोकप्रिय है। स्थानीय यात्रियों के लिए इस रेल सेवा का अस्थायी रूप से ठप होना यात्रा संबंधी अतिरिक्त मुश्किलें खड़ी कर देता है। विशेष रूप से मानसून के मौसम में, जब भारी बारिश के कारण सड़कों की स्थिति और मार्ग भी बुरी तरह प्रभावित हो जाते हैं, तब इस ट्रेन सेवा का बंद होना आम जनता की आवाजाही पर बड़ा असर डालता है। जांच और मरम्मत कार्य जारी बारिश के बाद रेलवे की तकनीकी और निरीक्षण टीमें प्रभावित ट्रैक, ड्रेनेज सिस्टम और संवेदनशील इलाकों का जायजा ले रही हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जहां भी पटरियों को नुकसान पहुंचा है या मलबा जमा हुआ है, वहां मरम्मत व सफाई का काम पूरा किया जा रहा है। सुरक्षा मानकों की पूरी पुष्टि होने के बाद ही ट्रेनों की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी। रेलवे विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए स्टेशन जाने से पहले हेल्पलाइन नंबरों या ऑनलाइन माध्यमों से अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। अधिकारियों के अनुसार, मौसम में सुधार और तकनीकी टीम द्वारा ट्रैक की सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही कांगड़ा घाटी रेल सेवा को दोबारा शुरू किया जाएगा।

