‘चारों तरफ समंदर, रेत… तेज धूप स्कीन जलाती थी’:काम, वेतन सब बदला था; 26 दिनों बाद दुबई से लौटे सीमांचल के लड़कों की आपबीती

‘चारों तरफ समंदर, रेत… तेज धूप स्कीन जलाती थी’:काम, वेतन सब बदला था; 26 दिनों बाद दुबई से लौटे सीमांचल के लड़कों की आपबीती

“मोजा फैक्ट्री में काम दिलाने के बजाए शिप पर काम दिला दिया। चारों तरफ समंदर और रेत फैला था। तेज धूप में स्किन जलने लगता था। एजेंट नाहिद गनी ने जितनी सैलरी की बात कही थी, वो भी नहीं मिल रही थी। दुबई जाने का ख्वाब देखने वाले लड़कों से अपील है कि वे किसी भी एजेंसी के चक्कर में न पड़े। अगर कोई रिश्तेदार या जानकार दुबई में है, तो उसकी मदद से जाएं।” दुबई में करीब एक महीने तक फंसे रहने के बाद सीमांचल लौटे 7 लड़कों ने दैनिक भास्कर से आपबीती में ये बातें कही। लड़कों ने बताया, हम लोगों को शुरुआत में एक महीने के वीजा पर भेजा गया था, लेकिन जब पूछा कि एक महीने बाद क्या होगा, तो नाहिद गनी ने कहा कि वहां मेरा रुपक नाम का लड़का है, जो सारी अरेजमेंट कर देगा। रुपक नेपाल का रहने वाला है। उसी ने हमारा पासपोर्ट जब्त कर लिया था। वापस आने के लिए हमने रुपक के पैर तक पकड़े, इसके बाद वीडियो बनाया। अब 20 दिनों के बाद हम लोग अपने घर पर हैं। सभी लड़कों ने एजेंट नाहिद गनी से दुबई भेजे जाने के लिए दिए गए डेढ़ लाख रुपए वापस करने की मांग की है। पुलिस प्रशासन से उसके खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। दुबई में फंसे सीमांचल के 7 लड़कों के साथ 20 दिनों में क्या-क्या हुआ? आपबीती में लड़कों ने क्या कहानी बताई? लड़कों का दुबई में बिना जॉब, बिना पासपोर्ट कैसे गुजारा हो रहा था? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट….। पहले 2 तस्वीरें देखिए.. जानिए, दुबई से लौटे लड़कों की आपबीती 4 अगस्त से 24 अगस्त तक दुबई में फंसे लड़कों में से तीन पूर्णिया के अमौर विधानसभा के रौटा थाना क्षेत्र के मीरगंज गांव के रहने वाले हैं। जबकि चार किशनगंज के कोचाधामन प्रखंड की पुरन्दाहा पंचायत के मिर्चान टोला के निवासी हैं। दुबई में फंसे लड़कों की पहचान दिलफरोज आलम (25), नासिर आलम (21), रब्बान खान (23), दानिश (24), नाजिश (24), शमशाद (28) और एक अन्य के रूप में हुई है। मोहम्मद नाजिश ने बताया, “नाहिद गनी ने मुझे दुबई भिजवाया था और इसके लिए मुझसे 1 लाख 40 हजार रुपए लिए गए थे। गनी की ओर से पैसे लिए जाने के दौरान बताया गया था कि दुबई में काफी अच्छा काम है। जब तुम घर से काम के लिए जाओगे, तभी तुम्हें धूप लगेगी, बाकी जब काम पर रहोगे तब तुम्हें धूप नहीं लगेगी। धूप से कोई लेना-देना नहीं रहेगा। हम लोगों से कहा गया कि तुम लोग जब दुबई पहुचोगे तो तुम लोगों को रिसीव करने के लिए मेरा या फिर कंपनी का कोई आदमी आएगा, लेकिन दुबई एयरपोर्ट पर हम लोगों को रिसीव करने कोई नहीं आया।” मोहम्मद नाजिश ने बताया, “हम लोग 4 अगस्त की सुबह 10 बजे आबूधाबी एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। नाहिद गनी ने जिसका नंबर दिया था। उसे कॉल किया और एयरपोर्ट पर खुद के होने की बात कही। इसपर उसने कहा- मैं अभी आप लोगों को रिसीव करने नहीं आ सकता। उन्होंने कहा कि कुछ पैसे लगेंगे, किराए वाली बस से मेरे बताए पते पर पहुंच जाओ।” नाजिश ने बताया- “हम लोगों से 2200-2200 रुपए लिए गए। नाहिद का कहना है कि ये पैसे कंपनी ने लिए हैं, लेकिन कंपनी ने एक भी रुपए हम लोगों से नहीं लिया है, बल्कि ये रुपए नाहिद के दुबई में मौजूद एजेंट ने हम लोगों से लिए हैं। पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद की वजह से हमलोग अपने देश वापस आ पाए हैं। हम लोगों ने वीडियो बनाकर उनसे मदद मांगी थी। नाजिश ने कहा, “अगर कोई यूथ नौकरी के लिए दुबई या सऊदी अरब जाना चाहता है, तो अगर उनका कोई रिश्तेदार वहां हैं, तो उनकी मदद से ही वहां जाइए। किसी एजेंसी की मदद से मत जाइए। एजेंसी आपको बेहतर और अच्छा काम बताकर भेजेगी, लेकिन वहां किसी और काम में लगा सकती है।” मोहम्मद दानिश बोला- जो सैलरी बताई, उससे कम वहां मिल रहा था मोहम्मद दानिश ने बताया, “मैं 4 अगस्त को अपने दोस्तों के साथ दुबई पहुंचा था। हम लोगों को एजेंट नाहिद गनी ने ये कहकर भेजा था कि आप लोगों को मोजा बनाने की फैक्ट्री में काम करना है। उन्होंने बताया था कि आप लोगों का धूप से कोई लेना-देना नहीं रहेगा, जब तक आप लोग काम करेंगे, आप लोगों को एसी में काम करना होगा। जब हम लोग दुबई पहुंचे तो कहा कि मोजा फैक्ट्री में काम नहीं है, आप लोगों को दूसरा काम करना होगा। हम लोगों ने तत्काल मना कर दिया, लेकिन हम लोगों को समझाया गया कि आप लोगों को धूप में काम नहीं करना है, जो नाहिद ने बताया था, वही काम है, जो बात हुई थी, उतनी ही सैलरी मिलेगी। बस कंपनी अलग है।” दानिश ने बताया, एजेंट गनी ने हम लोगों को दुबई आने से पहले बताया था कि 1000 दिरहम (26,047 रुपए) हर दिन का मिलेगा। इसके साथ 200 दिरहम (5,209) इनसेंटिव मिलेगा। ओवर टाइम करने पर आप लोगों को हर घंटे 10 दिरहम (260 रुपए) और जुम्मा यानी शुक्रवार को 100 दिरहम (2,604) मिलेगा, लेकिन जब हम लोग वहां गए तो बताया गया कि आप लोगों को एक दिन का 800 प्लस 200 दिरहम एक दिन का और ओवरटाइम पर 3 दिरहम मिलने की बात कही गई। जुम्मा के दिन छुट्टी रहती थी, काम नहीं होता था। दानिश के मुताबिक, “हम लोगों ने पहले भी देखा था कि पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद ने कई लड़कों की मदद की थी, इसलिए हम लोगों ने वीडियो बनाकर मास्टर मुजाहिद से मदद मांगी। अगर उन्होंने मदद नहीं की होती तो खुदा ही जाने कि हमारे साथ क्या होता। पहले ही दिन हम लोगों का पासपोर्ट रूपक नाम के लड़के ने ले लिया था, वो एजेंट नाहिद गनी का आदमी था और नेपाल का रहने वाला है। जब उससे पासपोर्ट मांगते थे, तो वो कहता था कि नाहिद गनी से बात कीजिए। जब नाहिद गनी से बात करते थे तो वो कहते थे कि कंपनी से बात कीजिए। सभी मिले हुए थे।” ‘अब मरो या फिर जिंदा रहो, यही काम करना पड़ेगा’ मोहम्मद शमशाद ने बताया कि जब हम लोग दुबई गए तो मोजा फैक्ट्री की जगह शिप पर काम में लगा दिया। वहां दिनभर कड़ी धूप रहती थी। लेकिन यहां बताया गया था कि आप लोगों को एसी में काम करना है। जब हम लोगों ने काम बदलने को कहा तो कंपनी और एजेंसी के लड़के की ओर से बताया गया कि अब मरो या फिर जिंदा रहो, यही काम करना पड़ेगा। हम लोगों ने रूपक के पैर भी पकड़े और कहा कि हम लोगों से ये काम नहीं होगा, तो उसने कंपनी के साथ मिलकर हम लोगों को काम से हटवा दिया। एक महीने की वीजा पर दुबई भेजा, कहा- वहां मेरा लड़का मदद करेगा मोहम्मद रब्बान ने कहा कि जब नाहिद गनी को हम लोगों ने पैसे दे दिए तो हम लोगों का मेडिकल कराया गया। वीजा इश्यू कराया गया। टिकट दिया गया, तब हम लोगों ने देखा कि वीजा एक महीने का ही था। हम लोगों ने पूछा कि एक महीने बाद हम लोग क्या करेंगे, तो नाहिद गनी ने कहा कि मेरा आदमी है, वहां वो तुम लोगों का वीजा बढ़वा देगा, कोई दिक्कत नहीं होगी। जहां हम लोगों को काम दिया गया, वो समंदर का इलाका था, चारों ओर रेत था, धूप की वजह से स्किन जलने लगती थी। किसी तरह हम लोगों ने चार से पांच दिन काम किया, इसके बाद हम लोगों ने मना कर दिया और नाहिद गनी को कॉल करके परेशानी बताई। रब्बान के पिता ने बताई एजेंट गनी की करतूत, बताया कैसे लड़कों को फंसाता है दुबई से लौटे रब्बान के पिता कैसर आलम ने बताया कि एजेंट नाहिद गनी लड़कों को भेजने से पहले उनसे झूठा वादा करता है। सभी लड़कों से बताता है कि दुबई में मोजा की फैक्ट्री में काम करना होगा, लेकिन इसके बदले कोई और काम पकड़ा देता है। इसी तरह वो कई लड़कों को फंसा चुका है। वो कहता है कि जो काम के लिए मैंने कहा था, उसमें थोड़ा टाइम लगेगा। वो लड़कों को ये भी झांसा देता है कि कुछ दिन ये काम कर लो, इसके बाद इससे अच्छी कंपनी में अच्छी सैलरी पर दूसरा काम दिला दूंगा। अब भोले-भाले लड़के यहां से कमाई की लालच से ही जाते हैं और उसकी बातों में आकर इंतजार करते हैं कि इससे अच्छी सैलरी का दूसरा काम मिलेगा। मेरा बेटा या उसके दोस्त पढ़े-लिखे थे तो वीडियो बनाकर शेयर कर दिया। जब मेरा बेटा दुबई गया और तीन चार दिन काम किया, तो मुझसे पहली बार जब बात हुई तो उसने बताया कि पापा मैं तो बुरी तरह फंस गया हूं। यहां न खाने का ठिकाना है, न रहने का। यहां गर्मी भी ज्यादा है, जिस काम में लगाया गया है, उसमें डस्ट उड़ता है, जो शरीर पर गिरता है, शरीर का चमड़ा जल जाता है। इसके बाद मेरा बेटा रोने लगा। कैसर आलम ने बताया कि नाहिद गनी के खिलाफ जांच होनी चाहिए और जो लड़के उसके दुबई में बैठे हैं, उनकी तस्वीर भी सामने आनी चाहिए, जिससे लोग उन्हें पहचान सके। आखिर दुबई से पूर्णिया कैसे लौटे सीमांचल के सभी 7 लड़के? सीमांचल के सभी 7 लड़कों ने जब वीडियो बनाया तो उसमें कोचाधामन विधानसभा सीट से पूर्व विधायक मुजाहिद आलम से मदद मांगी। इसके बाद मास्टर मुजाहिद ने सभी लड़कों से वीडियो कॉल पर बात की। इसके बाद मामला पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव तक पहुंचा। पप्पू यादव ने विदेश मंत्रालय से लड़कों को वापस लाने की मांग की। सांसद पप्पू यादव के मुताबिक, उन्होंने युवकों की स्वदेश वापसी को लेकर विदेश सचिव से लेकर विदेश मंत्री तक से बातचीत की। विदेश मंत्रालय को चिट्ठी भी लिखी गई। तब जाकर युवकों की गुहार केंद्र सरकार तक पहुंच पाई। पप्पू यादव के चिट्ठी लिखने के बाद विदेश मंत्रालय की ओर से इस दिशा में पहल की गई। युवकों के लिए खाने-पीने के साथ भारत वापसी की टिकट कंफर्म की गई। सभी लड़के 23 अगस्त को बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट पर उतरे। इसके बाद अपने घर पहुंचे। “मोजा फैक्ट्री में काम दिलाने के बजाए शिप पर काम दिला दिया। चारों तरफ समंदर और रेत फैला था। तेज धूप में स्किन जलने लगता था। एजेंट नाहिद गनी ने जितनी सैलरी की बात कही थी, वो भी नहीं मिल रही थी। दुबई जाने का ख्वाब देखने वाले लड़कों से अपील है कि वे किसी भी एजेंसी के चक्कर में न पड़े। अगर कोई रिश्तेदार या जानकार दुबई में है, तो उसकी मदद से जाएं।” दुबई में करीब एक महीने तक फंसे रहने के बाद सीमांचल लौटे 7 लड़कों ने दैनिक भास्कर से आपबीती में ये बातें कही। लड़कों ने बताया, हम लोगों को शुरुआत में एक महीने के वीजा पर भेजा गया था, लेकिन जब पूछा कि एक महीने बाद क्या होगा, तो नाहिद गनी ने कहा कि वहां मेरा रुपक नाम का लड़का है, जो सारी अरेजमेंट कर देगा। रुपक नेपाल का रहने वाला है। उसी ने हमारा पासपोर्ट जब्त कर लिया था। वापस आने के लिए हमने रुपक के पैर तक पकड़े, इसके बाद वीडियो बनाया। अब 20 दिनों के बाद हम लोग अपने घर पर हैं। सभी लड़कों ने एजेंट नाहिद गनी से दुबई भेजे जाने के लिए दिए गए डेढ़ लाख रुपए वापस करने की मांग की है। पुलिस प्रशासन से उसके खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। दुबई में फंसे सीमांचल के 7 लड़कों के साथ 20 दिनों में क्या-क्या हुआ? आपबीती में लड़कों ने क्या कहानी बताई? लड़कों का दुबई में बिना जॉब, बिना पासपोर्ट कैसे गुजारा हो रहा था? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट….। पहले 2 तस्वीरें देखिए.. जानिए, दुबई से लौटे लड़कों की आपबीती 4 अगस्त से 24 अगस्त तक दुबई में फंसे लड़कों में से तीन पूर्णिया के अमौर विधानसभा के रौटा थाना क्षेत्र के मीरगंज गांव के रहने वाले हैं। जबकि चार किशनगंज के कोचाधामन प्रखंड की पुरन्दाहा पंचायत के मिर्चान टोला के निवासी हैं। दुबई में फंसे लड़कों की पहचान दिलफरोज आलम (25), नासिर आलम (21), रब्बान खान (23), दानिश (24), नाजिश (24), शमशाद (28) और एक अन्य के रूप में हुई है। मोहम्मद नाजिश ने बताया, “नाहिद गनी ने मुझे दुबई भिजवाया था और इसके लिए मुझसे 1 लाख 40 हजार रुपए लिए गए थे। गनी की ओर से पैसे लिए जाने के दौरान बताया गया था कि दुबई में काफी अच्छा काम है। जब तुम घर से काम के लिए जाओगे, तभी तुम्हें धूप लगेगी, बाकी जब काम पर रहोगे तब तुम्हें धूप नहीं लगेगी। धूप से कोई लेना-देना नहीं रहेगा। हम लोगों से कहा गया कि तुम लोग जब दुबई पहुचोगे तो तुम लोगों को रिसीव करने के लिए मेरा या फिर कंपनी का कोई आदमी आएगा, लेकिन दुबई एयरपोर्ट पर हम लोगों को रिसीव करने कोई नहीं आया।” मोहम्मद नाजिश ने बताया, “हम लोग 4 अगस्त की सुबह 10 बजे आबूधाबी एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। नाहिद गनी ने जिसका नंबर दिया था। उसे कॉल किया और एयरपोर्ट पर खुद के होने की बात कही। इसपर उसने कहा- मैं अभी आप लोगों को रिसीव करने नहीं आ सकता। उन्होंने कहा कि कुछ पैसे लगेंगे, किराए वाली बस से मेरे बताए पते पर पहुंच जाओ।” नाजिश ने बताया- “हम लोगों से 2200-2200 रुपए लिए गए। नाहिद का कहना है कि ये पैसे कंपनी ने लिए हैं, लेकिन कंपनी ने एक भी रुपए हम लोगों से नहीं लिया है, बल्कि ये रुपए नाहिद के दुबई में मौजूद एजेंट ने हम लोगों से लिए हैं। पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद की वजह से हमलोग अपने देश वापस आ पाए हैं। हम लोगों ने वीडियो बनाकर उनसे मदद मांगी थी। नाजिश ने कहा, “अगर कोई यूथ नौकरी के लिए दुबई या सऊदी अरब जाना चाहता है, तो अगर उनका कोई रिश्तेदार वहां हैं, तो उनकी मदद से ही वहां जाइए। किसी एजेंसी की मदद से मत जाइए। एजेंसी आपको बेहतर और अच्छा काम बताकर भेजेगी, लेकिन वहां किसी और काम में लगा सकती है।” मोहम्मद दानिश बोला- जो सैलरी बताई, उससे कम वहां मिल रहा था मोहम्मद दानिश ने बताया, “मैं 4 अगस्त को अपने दोस्तों के साथ दुबई पहुंचा था। हम लोगों को एजेंट नाहिद गनी ने ये कहकर भेजा था कि आप लोगों को मोजा बनाने की फैक्ट्री में काम करना है। उन्होंने बताया था कि आप लोगों का धूप से कोई लेना-देना नहीं रहेगा, जब तक आप लोग काम करेंगे, आप लोगों को एसी में काम करना होगा। जब हम लोग दुबई पहुंचे तो कहा कि मोजा फैक्ट्री में काम नहीं है, आप लोगों को दूसरा काम करना होगा। हम लोगों ने तत्काल मना कर दिया, लेकिन हम लोगों को समझाया गया कि आप लोगों को धूप में काम नहीं करना है, जो नाहिद ने बताया था, वही काम है, जो बात हुई थी, उतनी ही सैलरी मिलेगी। बस कंपनी अलग है।” दानिश ने बताया, एजेंट गनी ने हम लोगों को दुबई आने से पहले बताया था कि 1000 दिरहम (26,047 रुपए) हर दिन का मिलेगा। इसके साथ 200 दिरहम (5,209) इनसेंटिव मिलेगा। ओवर टाइम करने पर आप लोगों को हर घंटे 10 दिरहम (260 रुपए) और जुम्मा यानी शुक्रवार को 100 दिरहम (2,604) मिलेगा, लेकिन जब हम लोग वहां गए तो बताया गया कि आप लोगों को एक दिन का 800 प्लस 200 दिरहम एक दिन का और ओवरटाइम पर 3 दिरहम मिलने की बात कही गई। जुम्मा के दिन छुट्टी रहती थी, काम नहीं होता था। दानिश के मुताबिक, “हम लोगों ने पहले भी देखा था कि पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद ने कई लड़कों की मदद की थी, इसलिए हम लोगों ने वीडियो बनाकर मास्टर मुजाहिद से मदद मांगी। अगर उन्होंने मदद नहीं की होती तो खुदा ही जाने कि हमारे साथ क्या होता। पहले ही दिन हम लोगों का पासपोर्ट रूपक नाम के लड़के ने ले लिया था, वो एजेंट नाहिद गनी का आदमी था और नेपाल का रहने वाला है। जब उससे पासपोर्ट मांगते थे, तो वो कहता था कि नाहिद गनी से बात कीजिए। जब नाहिद गनी से बात करते थे तो वो कहते थे कि कंपनी से बात कीजिए। सभी मिले हुए थे।” ‘अब मरो या फिर जिंदा रहो, यही काम करना पड़ेगा’ मोहम्मद शमशाद ने बताया कि जब हम लोग दुबई गए तो मोजा फैक्ट्री की जगह शिप पर काम में लगा दिया। वहां दिनभर कड़ी धूप रहती थी। लेकिन यहां बताया गया था कि आप लोगों को एसी में काम करना है। जब हम लोगों ने काम बदलने को कहा तो कंपनी और एजेंसी के लड़के की ओर से बताया गया कि अब मरो या फिर जिंदा रहो, यही काम करना पड़ेगा। हम लोगों ने रूपक के पैर भी पकड़े और कहा कि हम लोगों से ये काम नहीं होगा, तो उसने कंपनी के साथ मिलकर हम लोगों को काम से हटवा दिया। एक महीने की वीजा पर दुबई भेजा, कहा- वहां मेरा लड़का मदद करेगा मोहम्मद रब्बान ने कहा कि जब नाहिद गनी को हम लोगों ने पैसे दे दिए तो हम लोगों का मेडिकल कराया गया। वीजा इश्यू कराया गया। टिकट दिया गया, तब हम लोगों ने देखा कि वीजा एक महीने का ही था। हम लोगों ने पूछा कि एक महीने बाद हम लोग क्या करेंगे, तो नाहिद गनी ने कहा कि मेरा आदमी है, वहां वो तुम लोगों का वीजा बढ़वा देगा, कोई दिक्कत नहीं होगी। जहां हम लोगों को काम दिया गया, वो समंदर का इलाका था, चारों ओर रेत था, धूप की वजह से स्किन जलने लगती थी। किसी तरह हम लोगों ने चार से पांच दिन काम किया, इसके बाद हम लोगों ने मना कर दिया और नाहिद गनी को कॉल करके परेशानी बताई। रब्बान के पिता ने बताई एजेंट गनी की करतूत, बताया कैसे लड़कों को फंसाता है दुबई से लौटे रब्बान के पिता कैसर आलम ने बताया कि एजेंट नाहिद गनी लड़कों को भेजने से पहले उनसे झूठा वादा करता है। सभी लड़कों से बताता है कि दुबई में मोजा की फैक्ट्री में काम करना होगा, लेकिन इसके बदले कोई और काम पकड़ा देता है। इसी तरह वो कई लड़कों को फंसा चुका है। वो कहता है कि जो काम के लिए मैंने कहा था, उसमें थोड़ा टाइम लगेगा। वो लड़कों को ये भी झांसा देता है कि कुछ दिन ये काम कर लो, इसके बाद इससे अच्छी कंपनी में अच्छी सैलरी पर दूसरा काम दिला दूंगा। अब भोले-भाले लड़के यहां से कमाई की लालच से ही जाते हैं और उसकी बातों में आकर इंतजार करते हैं कि इससे अच्छी सैलरी का दूसरा काम मिलेगा। मेरा बेटा या उसके दोस्त पढ़े-लिखे थे तो वीडियो बनाकर शेयर कर दिया। जब मेरा बेटा दुबई गया और तीन चार दिन काम किया, तो मुझसे पहली बार जब बात हुई तो उसने बताया कि पापा मैं तो बुरी तरह फंस गया हूं। यहां न खाने का ठिकाना है, न रहने का। यहां गर्मी भी ज्यादा है, जिस काम में लगाया गया है, उसमें डस्ट उड़ता है, जो शरीर पर गिरता है, शरीर का चमड़ा जल जाता है। इसके बाद मेरा बेटा रोने लगा। कैसर आलम ने बताया कि नाहिद गनी के खिलाफ जांच होनी चाहिए और जो लड़के उसके दुबई में बैठे हैं, उनकी तस्वीर भी सामने आनी चाहिए, जिससे लोग उन्हें पहचान सके। आखिर दुबई से पूर्णिया कैसे लौटे सीमांचल के सभी 7 लड़के? सीमांचल के सभी 7 लड़कों ने जब वीडियो बनाया तो उसमें कोचाधामन विधानसभा सीट से पूर्व विधायक मुजाहिद आलम से मदद मांगी। इसके बाद मास्टर मुजाहिद ने सभी लड़कों से वीडियो कॉल पर बात की। इसके बाद मामला पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव तक पहुंचा। पप्पू यादव ने विदेश मंत्रालय से लड़कों को वापस लाने की मांग की। सांसद पप्पू यादव के मुताबिक, उन्होंने युवकों की स्वदेश वापसी को लेकर विदेश सचिव से लेकर विदेश मंत्री तक से बातचीत की। विदेश मंत्रालय को चिट्ठी भी लिखी गई। तब जाकर युवकों की गुहार केंद्र सरकार तक पहुंच पाई। पप्पू यादव के चिट्ठी लिखने के बाद विदेश मंत्रालय की ओर से इस दिशा में पहल की गई। युवकों के लिए खाने-पीने के साथ भारत वापसी की टिकट कंफर्म की गई। सभी लड़के 23 अगस्त को बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट पर उतरे। इसके बाद अपने घर पहुंचे।  

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