प्रतापगढ़ में अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार की अदालत ने हत्या के एक मामले में लालगंज के बाबूतारा गांव निवासी अंकुर सिंह उर्फ सुधांशु सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में साक्ष्य के अभाव में एक अन्य आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया। मामला लालगंज के इटौरी गांव निवासी रहमान की ओर से दर्ज कराया गया था। शिकायत के अनुसार, 29 अप्रैल 2015 को उनका नाती गोखू महुआ बीनने के लिए बाग में गया था। आरोप है कि वहां पीयूष सिंह ने उसके साथ मारपीट की और उसे साइकिल से बांधकर घसीटने लगा। इसी दौरान दूसरा नाती तौहीद मौके पर पहुंचा और उसने इसका विरोध किया। बाजार से लौटते समय तौहीद पर हमला अभियोजन के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते 20 अप्रैल 2015 को तौहीद सगरासुंदरपुर बाजार से घर लौट रहा था। इसी दौरान सगरा के पास एक नर्सिंग होम के नजदीक अंकुर सिंह, ननका सिंह, पीयूष सिंह और पप्पू सिंह ने उस पर सरिया और बाइक की रॉड से हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट, प्रयागराज में मौत हमले में तौहीद के सिर में गंभीर चोट आई थी। हालत गंभीर होने पर उसे प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया। वहां कई दिनों तक उपचार चला, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एक आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अंकुर सिंह उर्फ सुधांशु सिंह को दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं साक्ष्य के अभाव में आरोपी सुनील सिंह उर्फ पप्पू सिंह को दोषमुक्त कर दिया गया। राज्य की ओर से मामले की पैरवी एडीजीसी अभय सिंह ने की। अदालत के फैसले के बाद हत्या के इस पुराने मामले में एक आरोपी को उम्रकैद की सजा मिली है।

