बलिया में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। तहसील बलिया के मुड़ाडीह गांव और शहर के वार्ड नंबर-11 समेत कई आबादी वाले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं, तहसील बांसडीह के भोजपुरवा, दियरा भागर, कचनार और चकविलियम तथा तहसील बैरिया के गोपालनगर टाड़ी, देवपुर मठिया और चांददियर गांव भी बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। 850 राशन किट और 3,856 दवा किट बांटीं बाढ़ प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार राहत अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 850 राशन किट और 3,856 दवा किट वितरित की जा चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित परिवारों की जरूरत के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। 14,756 पशुओं का टीकाकरण, 80 कुंतल भूसा वितरित बाढ़ के दौरान पशुओं की सुरक्षा के लिए भी प्रशासन ने इंतजाम किए हैं। अब तक 14,756 पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है। इसके अलावा पशुओं के लिए 80 कुंतल भूसा वितरित किया गया है। गोपालनगर टाड़ी और भोजपुरवा में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए बाढ़ शरणालय और कम्युनिटी किचन बनाए गए हैं। यहां लोगों को पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
बाढ़ चौकियां सक्रिय, राहत शिविरों में इंतजाम प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। जिन इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां जनरेटर के जरिए विद्युत व्यवस्था की जा रही है। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और जिला स्तरीय अधिकारी रोजाना प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से संवाद कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रोज पहुंच रहीं मेडिकल टीमें स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सकीय टीमें भी रोजाना बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर रही हैं। लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच करने के साथ जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम से भी बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों से रोजाना कम से कम दो बार संपर्क किया जा रहा है। इस दौरान लोगों का हालचाल लेने के साथ बाढ़ की स्थिति और उनकी जरूरतों की जानकारी जुटाई जा रही है। NDRF और PAC की टीमें तैनात बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें लगातार सक्रिय हैं। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। समस्या होने पर इन नंबरों पर करें संपर्क प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बाढ़ या किसी अन्य आपदा की स्थिति में तत्काल नजदीकी तहसील स्तरीय कंट्रोल रूम अथवा जिला मुख्यालय के कंट्रोल रूम से संपर्क करें। जिला कंट्रोल रूम: 9454417979
लैंडलाइन: 05498-220832, 05498-220235
टोल फ्री: 1077 प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

