बलौदाबाजार जिले के वन मंडल के कोठारी वन परिक्षेत्र में 2 दंतैल हाथियों के आबादी इलाके के करीब पहुंचने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। दोनों हाथी एक बड़े झुंड से अलग होकर दक्षिण कोठारी बीट के कोठारी-तालदादर क्षेत्र में घूम रहे हैं। फिलहाल हाथियों की मौजूदगी वन कक्ष क्रमांक 220 में बताई जा रही है। वन विभाग की टीम को क्षेत्र में हाथियों के ताजा पदचिह्न मिले हैं। इसके अलावा बांस के खाए हुए पत्ते और टूटी टहनियां भी मिली हैं। टीम ने हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज भी सुनी है। विभाग के मुताबिक, दोनों हाथी देवगढ़ घाट के आसपास वन कक्ष क्रमांक 219 और 220 में विचरण कर रहे हैं। इनके कक्ष क्रमांक 217, 252, 253, 286, 285, 219, 220, 221, 173, 116, 225 और 169 की ओर जाने की संभावना है। 29 गांव हाई अलर्ट पर हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के 29 गांवों को हाई अलर्ट पर रखा है। इनमें कोठारी, तालदादर, नवागांव, अचानकपुर, चन्हाट, तेंदुचुवा, धमलपुरा, कोसमसर, हरदी, रामपुर, जोगीडीपा, कंजिया, बिटकुली, मिर्गिदा, पठियापाली, गुड़ागढ़, फुरफुंदी, झालपानी, खुड़मुड़ी, पकरीदबार, भिभोरी, नवाडीह, सुरबाय, अल्दा, सैहाभाटा, दोंद, पाड़ादाहा और मुड़ापार शामिल हैं। सुबह-शाम जंगल जाने से बचें वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि सुबह और शाम के समय घने जंगलों में फुटू, करील या लकड़ी लेने न जाएं। हाथी दिखाई देने पर उनके करीब जाने या उन्हें छेड़ने के बजाय तुरंत वन विभाग के कर्मचारी या हाथी मित्र दल को सूचना देने को कहा गया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी है। फसल नुकसान के 2 मामले सामने आए वन विभाग के अनुसार, हाथियों के कारण अब तक फसल नुकसान के 2 मामले दर्ज हुए हैं। हालांकि, किसी मकान को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

