सीएम ने बाढ़-कटाव का किया हवाई सर्वेक्षण:अधिकारियों को कहा- संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करें, राहत कार्य भी शुरू हो

सीएम ने बाढ़-कटाव का किया हवाई सर्वेक्षण:अधिकारियों को कहा- संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करें, राहत कार्य भी शुरू हो

नवगछिया के राघोपुर इलाके में गंगा नदी की तेज धारा और अचानक कटाव के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राघोपुर क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर कटाव और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद भागलपुर एयरपोर्ट पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई, जिसमें बाढ़, जलस्तर, कटाव, तटबंधों की सुरक्षा और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा हुई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि संबंधित विभाग की टीमें पिछले 15-20 दिनों से लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। पुल से जुड़े निर्माण कार्य को फिलहाल करीब 15 दिनों के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को मौके की स्थिति से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जाए। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को पूरी तत्परता से काम करने को कहा। हवाई सर्वेक्षण की तस्वीरें… धारा बदलने से कटाव हो रहा अधिकारियों के अनुसार, दियारा क्षेत्र में अचानक पानी का दबाव बढ़ने और सिल्ट वाले हिस्से से टकराने के कारण नदी की धारा बदल गई। धारा बदलने के बाद जमीन के नीचे से कटाव (अंडरमाइनिंग) शुरू हो गया, जिससे कटाव की स्थिति गंभीर हो गई। अधिकारियों और इंजीनियरों को इतने अचानक नीचे से कटाव होने का अनुमान नहीं था। बताया गया कि रात में नदी की धारा में बदलाव से तटबंध पर अचानक दबाव बढ़ा। इस क्षेत्र में करीब 14 साल बाद इस तरह का तेज कटाव देखा गया है। प्रशासन की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और कटाव को नियंत्रित करने के लिए बचाव कार्य जारी है। गंगा की बदलती धारा से हर साल बनती है चुनौती

अधिकारियों ने बताया कि गंगा नदी का स्वभाव लगातार बदलता रहता है। नदी की धारा में बदलाव के कारण कभी एक तरफ तो कभी दूसरी तरफ कटाव की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके बावजूद संबंधित विभाग पूरी तरह सतर्क है और कटाव को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

‘बचाव कार्य में नहीं होनी चाहिए कोई कमी’

ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और बचाव कार्य में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में पूरी मुस्तैदी के साथ राहत और बचाव कार्य संचालित करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत के अनुसार हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। हवाई सर्वेक्षण और समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, आईजी विवेक कुमार, जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नवगछिया के राघोपुर इलाके में गंगा नदी की तेज धारा और अचानक कटाव के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राघोपुर क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर कटाव और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद भागलपुर एयरपोर्ट पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई, जिसमें बाढ़, जलस्तर, कटाव, तटबंधों की सुरक्षा और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा हुई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि संबंधित विभाग की टीमें पिछले 15-20 दिनों से लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। पुल से जुड़े निर्माण कार्य को फिलहाल करीब 15 दिनों के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को मौके की स्थिति से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जाए। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को पूरी तत्परता से काम करने को कहा। हवाई सर्वेक्षण की तस्वीरें… धारा बदलने से कटाव हो रहा अधिकारियों के अनुसार, दियारा क्षेत्र में अचानक पानी का दबाव बढ़ने और सिल्ट वाले हिस्से से टकराने के कारण नदी की धारा बदल गई। धारा बदलने के बाद जमीन के नीचे से कटाव (अंडरमाइनिंग) शुरू हो गया, जिससे कटाव की स्थिति गंभीर हो गई। अधिकारियों और इंजीनियरों को इतने अचानक नीचे से कटाव होने का अनुमान नहीं था। बताया गया कि रात में नदी की धारा में बदलाव से तटबंध पर अचानक दबाव बढ़ा। इस क्षेत्र में करीब 14 साल बाद इस तरह का तेज कटाव देखा गया है। प्रशासन की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और कटाव को नियंत्रित करने के लिए बचाव कार्य जारी है। गंगा की बदलती धारा से हर साल बनती है चुनौती

अधिकारियों ने बताया कि गंगा नदी का स्वभाव लगातार बदलता रहता है। नदी की धारा में बदलाव के कारण कभी एक तरफ तो कभी दूसरी तरफ कटाव की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके बावजूद संबंधित विभाग पूरी तरह सतर्क है और कटाव को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

‘बचाव कार्य में नहीं होनी चाहिए कोई कमी’

ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और बचाव कार्य में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में पूरी मुस्तैदी के साथ राहत और बचाव कार्य संचालित करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत के अनुसार हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। हवाई सर्वेक्षण और समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, आईजी विवेक कुमार, जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।  

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