Wrist Pain: कलाई का दर्द सिर्फ थकान नहीं, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत, हेल्थलाइन और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी

Wrist Pain: कलाई का दर्द सिर्फ थकान नहीं, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत, हेल्थलाइन और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी

Wrist Pain Symptoms: दिनभर लैपटॉप या मोबाइल पर टाइपिंग करना हो, जिम में भारी वजन उठाना हो या फिर घर के रोजमर्रा के काम हमारी कलाइयां लगातार हरकत में रहती हैं। कई बार दिन के आखिर में कलाई में हल्का-फुल्का दर्द या भारीपन महसूस होता है, जिसे हम यह सोचकर टाल देते हैं कि शायद थोड़ा थक गए हैं, कल तक अपने आप ठीक हो जाएगा। लेकिन रुकिए! हर बार कलाई का दर्द सिर्फ थकान की वजह से नहीं होता। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर कलाई का दर्द बार-बार हो रहा है, लगातार बना रहता है या इसके साथ हाथ में सुन्नपन आ रहा है, तो यह किसी अंदरूनी बीमारी या नसों की समस्या का इशारा हो सकता है। आइए समझते हैं कि कलाई में दर्द होने के पीछे क्या-क्या वजहें हो सकती हैं, इसके लक्षण क्या हैं और आपको कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

कलाई में दर्द किन बिमारियों का संकेत हो सकता है?

हेल्थलाइन और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, हमारी कलाई बहुत जटिल होती है। इसमें छोटी-छोटी कई हड्डियां, लिगामेंट्स (हड्डियों को जोड़ने वाले धागे) और नसें होती हैं। दर्द की वजहों को मुख्य रूप से तीन हिस्सों में समझा जा सकता है:

1. नसों पर दबाव (Repetitive Stress & Nerve Issues)

  • कारपेल टनल सिंड्रोम (Carpal Tunnel Syndrome)- अगर आप लगातार कंप्यूटर पर टाइपिंग करते हैं, माउस चलाते हैं या सिलाई-बुनाई जैसे काम करते हैं, तो कलाई की मुख्य नस (Median Nerve) पर दबाव पड़ने लगता है। इससे कलाई में दर्द के साथ अंगूठे और उंगलियों में सुई चुभने जैसा महसूस होता है।
  • एक ही मूवमेंट बार-बार करना- टेनिस खेलना, ड्राइविंग करना या कोई भी ऐसा काम जिसमें कलाई बार-बार एक ही तरह से मुड़ती है, उससे कलाई के जोड़ों में सूजन आ जाती है।

2. अचानक चोट या झटका लगना

चलते-फिरते या खेलते समय अगर हाथ के बल गिर जाएं, तो कलाई की हड्डी में हल्का फ्रैक्चर हो सकता है या लिगामेंट खिंच सकता है (Sprain)। कई बार यह दर्द तुरंत नहीं, बल्कि कुछ समय बाद परेशान करने लगता है।

3. आर्थराइटिस या अंदरूनी बीमारियां

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis)- उम्र बढ़ने के साथ या पुरानी चोट की वजह से कलाई की हड्डियों के बीच की गद्दी घिसने लगती है, जिससे चलने-मोड़ने पर दर्द होता है।
  • रुमेटीइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis)- यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम खुद ही जोड़ों पर हमला करने लगता है। इसमें अक्सर दोनों हाथों की कलाइयों में एक साथ दर्द और सूजन आती है।
  • गाउट (Gout)- शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने पर उसके कण कलाई के जोड़ में जमा होने लगते हैं, जिससे अचानक तेज दर्द और लालिमा आ जाती है।
  • गैंग्लियन सिस्ट (Ganglion Cyst)- कलाई के ऊपर कई बार एक छोटी सी गांठ जैसी निकल आती है। यह जानलेवा नहीं होती, लेकिन अगर यह नस को दबाए तो दर्द कर सकती है।

कलाई के दर्द के लक्षण

डॉक्टर के पास कब जाना बेहद जरूरी है?

  • अगर आप हाथ में चाय का कप या पानी की बोतल भी नहीं उठा पा रहे हैं।
  • उंगलियों या कलाई में लगातार सुन्नपन बना रहे।
  • तेज सूजन और रंग बदलना।
  • कलाई में दर्द के साथ-साथ शरीर में तेज बुखार हो।
  • कलाई की हड्डी थोड़ी अजीब या टेढ़ी-मेढ़ी दिख रही हो।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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