Body Lice Symptoms: जब भी हम जूं (Lice) का नाम सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले सिर के बालों का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी जूं भी होती है जो सिर के बालों में नहीं, बल्कि आपके पहने हुए कपड़ों के सिलवटों और सिलाइयों में छिपकर रहती है? इसे मेडिकल भाषा में Body Lice (बॉडी लाइस यानी शरीर की जूं) कहा जाता है। सीडीसी (CDC) के अनुसार, यह परजीवी (Parasite) इंसान के कपड़ों या बिस्तरों में अपना घर बनाता है और केवल खून चूसने के लिए शरीर की त्वचा पर आता है। आइए समझते हैं कि Body Lice क्या है, यह कैसे फैलती है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
आखिर क्या होते हैं Body Lice?
क्लीवलैंड क्लीनिक की जानकारी के अनुसार, बॉडी लाइस बहुत ही छोटे कीड़े होते हैं जो इंसानी कपड़ों के अंदरूनी जोड़ों, सिलाइयों और मोड़ में अंडे (Nits) देते हैं और वहीं रहते हैं। सिर की जूं की तरह ये बालों में नहीं चिपकते। ये दिनभर कपड़ों में छिपे रहते हैं और जब शरीर को गर्मी मिलती है, तो खून पीने के लिए त्वचा पर आते हैं। इनकी वजह से शरीर पर तेज खुजली होती है और त्वचा पर लाल चकत्ते या दाने (Rashes) निकल आते हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या और बढ़ सकती है।
Body Lice के मुख्य लक्षण
अगर किसी व्यक्ति को बॉडी लाइस की समस्या है, तो उसमें ये आम संकेत दिखाई दे सकते हैं;
- शरीर पर भयंकर खुजली होना।
- त्वचा पर लाल दाने और रैशेज।
- त्वचा का मोटा या सांवला होना।
- बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बना सकते हैं।
यह समस्या कैसे और क्यों फैलती है?
बॉडी लाइस खुद उड़ या कूद नहीं सकते, ये केवल रेंगते हैं। इसके फैलने की मुख्य वजहें ये हैं;
- साफ-सफाई की कमी।
- एक-दूसरे के कपड़े या बिस्तर शेयर करना।
- भीड़भाड़ वाली जगहें।
Body Lice से छुटकारा पाने के आसान उपाय
अच्छी बात यह है कि बॉडी लाइस से छुटकारा पाना बहुत मुश्किल नहीं है। इसके लिए आपको दवाई से ज्यादा साफ-सफाई पर ध्यान देना होता है;
- कपड़ों और बिस्तरों को गर्म पानी में धोएं।
- नियमित रूप से नहाएं।
- कपड़ों को प्रेस (Iron) करें।
- चीजें शेयर न करें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

