‘तुम्हें बहनें चाहिए या मैं?’, कुनाल की बुआ ने बताया कौन थी वो ‘महिला’, जिसकी वजह से बिगड़े रिश्तें

‘तुम्हें बहनें चाहिए या मैं?’, कुनाल की बुआ ने बताया कौन थी वो ‘महिला’, जिसकी वजह से बिगड़े रिश्तें

Murlidhar Chandgude family dispute: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में खवड़िया पहाड़ी पर चांदगुडे परिवार के तीन लोगों की मौत के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। 18 वर्षीय कुनाल चांदगुडे के पहाड़ पर पहुंचने के बाद उसे बचाने की कोशिश में उसके पिता मुरलीधर चांदगुडे (48) और मां संगीता की भी मौत हो गई। फिलहाल घटना की परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच जारी है। उधर, इस मामले में मुरलीधर की बहन और कुनाल की बुआ ने परिवार के बीच पुराने विवाद और रिश्तों में तनाव को लेकर बड़ा खुलासा किया है।

‘अंतिम संस्कार पर भी विवाद’

मुरलीधर की बहन ने घटना को लेकर कहा कि उन्हें शुरुआत में बताया गया था कि मुरलीधर पहाड़ी से गिर गए हैं। जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग घाटी अस्पताल पहुंचे। वहां दोनों पक्षों के रिश्तेदारों के बीच शवों को लेकर भी विवाद हो रहा था। मुरलीधर की बहन के अनुसार, उनके परिवार के लोगों ने तीनों शवों को सौंपने और अंतिम संस्कार करने की बात कही थी, लेकिन संगीता के रिश्तेदारों ने कथित तौर पर इससे इनकार कर दिया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उन्हें अपशब्द भी कहे गए। लेकिन वह बिलकुल चुप रहीं।

‘भाई की लव मैरिज हुई थी, घटना के बारे में नहीं पता’

मुरलीधर की बहन ने दावा किया कि उनके भाई की लव मैरिज हुई थी और शादी के बाद वह लंबे समय तक अपने ससुराल में रहा। बाद में उन्होंने किराए का कमरा लिया और वहीं रहने लगे। बहन के मुताबिक, लंबे समय तक कुनाल के पिता मुरलीधर परिवार के संपर्क में नहीं थे। जब उनके बेटे की शादी तय हुई तो रिश्तेदारों ने मुरलीधर से संपर्क करने की सलाह दी और उसे बुलाने के लिए कहा। फिर जब उन्होंने भाई को फोन कर शादी में आने के लिए कहा तो वह तैयार हो गया, लेकिन पत्नी और बेटे के साथ आने से इनकार किया।

मीडिया से बात करते हुए कुनाल की बुआ ने कहा, “घटना कैसे हुई, यह हम नहीं जानते। हमें बताया गया कि तीनों पहाड़ी से गिर गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। जानकारी मिलने के बाद हम घाटी अस्पताल पहुंचे। वहां उनके (संगीता चांदगुडे) सभी रिश्तेदार मौजूद थे। उन्होंने मुझे बहुत गालियां दीं। फिर भी मैं चुप रही, मैंने कुछ नहीं कहा। उन्होंने मेरे भाई को हमारे पास आने नहीं दिया। आखिर में उन्होंने यह भी कहा कि उसके शव को भी हमारे पास नहीं आने देंगे। मैं सब चुपचाप सुनती रही। मेरे चचेरे भाई व परिवार के और लोग सभी वहां मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हमें तीनों के शव दे दीजिए, हम उनका अंतिम संस्कार करेंगे। लेकिन उनके (संगीता) परिजनों ने कहा कि हम शव नहीं देंगे। हम अपनी बेटी और उसके बच्चे को लेकर जाएंगे। आप सिर्फ अपने सदस्य को ले जाइए।”

‘तुम्हें बहनें चाहिए या मैं?’

मुरलीधर की बहन ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब उनका भाई फिर से परिवार के संपर्क में आया तो संगीता ने झगड़ा करना शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि संगीता इस बात को लेकर नाराज थीं कि मुरलीधर इतने वर्षों बाद अपनी बहनों से संपर्क क्यों कर रहे हैं।

मुरलीधर की बहन ने आगे बताया, “हम तीन बहनें हैं और वह (मुरलीधर चांदगुडे) हमारा इकलौता भाई था। उसकी लव मैरिज हुई थी। इसलिए वह अपने सास-ससुर के साथ ही रहता था। काफी समय तक वह सास-ससुर के पास रहा। उन्होंने किराए पर कमरा लिया था। काफी दिनों तक वे किराए के कमरे में ही रहे। अब भी वह किराए के कमरे में ही रहता था।

बहन के कहा, “मेरे बेटे की शादी तय होने के बाद रिश्तेदारों ने कहा कि इतने दिनों से वह (मुरलीधर) घर नहीं आया है। अब कम से कम उसे फोन करो, वह शादी में आएगा। इसलिए मैंने फोन किया और पूछा कि शादी में आओगे? उसने कहा कि वह आएगा। जब हमने कहा कि अपनी पत्नी और बेटे को भी लेकर आना। तो भाई ने बताया कि वे लोग नहीं आएंगे। मेरी बहन के बेटे की मौत के बाद मेरे भाई (मुरलीधर) ने उसकी देखभाल की थी। यह सब संगीता को अच्छा नहीं लगता था, वह मेरे भाई से झगड़ा करने लगीं। वह कहती थी कि तुम्हें इतने दिनों तक बहनें दिखाई नहीं दीं, अब कैसे दिखाई देने लगीं? तुम्हें बहनें चाहिए या मैं?”

मुरलीधर और संगीता की शादी को करीब 22 साल हो चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि संगीता और कुनाल दोनों ही भाई को अपशब्द कहते थे। हमारे साथ बात करने की वजह से भी उनके बीच झगड़े होते थे।

बूढ़े पिता बोले- मेरा वंश खत्म, मां ने बहू पर लगाया आरोप

खवड़िया पहाड़ी की इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार के दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में घटना के पीछे की परिस्थितियों और पारिवारिक विवाद की भूमिका का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।

बेटे, बहू और पोते की मौत से 75 वर्षीय मुरलीधर के पिता दामोदरराव पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दामोदरराव ने कहा, ‘हमारा सब कुछ खत्म हो गया। अब हमारा वंश आगे बढ़ाने वाला भी कोई नहीं बचा। क्या करें, कुछ समझ नहीं आ रहा। हमारा कोई सहारा नहीं रहा।’ यह कहते हुए उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। मुरलीधर की मां ने भी रोते हुए अपनी बहू पर बेटे को दूर करने का आरोप लगाया।

इस मामले में सामने आ रहे पारिवारिक विवाद के दावों ने जांच को एक नया पहलू दे दिया है। अब पुलिस की जांच और सामने आने वाले तथ्यों से ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

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