चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र स्थित कावर गांव में सावन के रविवार को आस्था का सैलाब देखने को मिला। महड़ौरी देवी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी। भक्तों ने पहले गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और इसके बाद मां महड़ौरी महालक्ष्मी देवी के दर्शन-पूजन किए। गंगा तट पर स्थित सिद्ध पीठ त्रिदंडी स्वामी और अवधूत भगवान राम के आश्रम में भी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की। तीनों धार्मिक स्थलों पर दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा। गंगा स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन सावन माह के चलते रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु कावर पहुंचे। भक्तों ने गंगा नदी में स्नान कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद मां महड़ौरी महालक्ष्मी देवी के मंदिर में दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की आवाजाही बनी रही। आसपास के जिलों से भी पहुंचे श्रद्धालु सिर्फ चंदौली ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। सावन के रविवार को गंगा तट पर स्थित इन धार्मिक स्थलों पर भक्तों की भीड़ बढ़ गई। परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने गंगा स्नान के बाद तीनों स्थानों पर दर्शन-पूजन किया। श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल नजर आया। तीनों धार्मिक स्थल गंगा तट के करीब कावर गांव में मां महड़ौरी महालक्ष्मी मंदिर, सिद्ध पीठ त्रिदंडी स्वामी और अवधूत भगवान राम का आश्रम एक-दूसरे के नजदीक स्थित हैं। गंगा नदी के तट पर होने के कारण श्रद्धालु एक ही यात्रा में तीनों धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर दर्शन-पूजन करते हैं। सावन में इन स्थानों की धार्मिक गतिविधियां और बढ़ जाती हैं। सच्चे मन से दर्शन से पूरी होती है मनोकामना श्रद्धालुओं के बीच मान्यता है कि मां महड़ौरी महालक्ष्मी के मंदिर में सच्चे मन से दर्शन और पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते सावन में दूर-दराज से लोग यहां पहुंचते हैं। वहीं सिद्ध पीठ त्रिदंडी स्वामी को महान संत के रूप में श्रद्धा से याद किया जाता है। उनके जीवन से जुड़ी कई चमत्कारी किंवदंतियां भी क्षेत्र में प्रचलित हैं। बोले श्रद्धालु- यहां आकर मिलती है अपार शांति आस्थावान बच्चा सिंह, दिनेश मिश्रा, राजेंद्र सिंह और पंकज सिंह ने बताया कि इन धार्मिक स्थलों पर पहुंचने के बाद मन को अपार शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि सावन में गंगा स्नान और देवी के दर्शन का विशेष महत्व है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि सावन माह में लगातार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और रविवार को संख्या और अधिक रही।

