कैमूर में औद्योगिक पार्क के विरोध में जुटे किसान:बोले- उपजाऊ जमीन किसी कीमत पर नहीं देंगे, सरकार से वैकल्पिक जमीन तलाशने की मांग की

कैमूर में औद्योगिक पार्क के विरोध में जुटे किसान:बोले- उपजाऊ जमीन किसी कीमत पर नहीं देंगे, सरकार से वैकल्पिक जमीन तलाशने की मांग की

कैमूर जिले के ग्राम करजी में औद्योगिक पार्क निर्माण के सरकारी प्रस्ताव के खिलाफ किसानों की बैठक हुई। चैनपुर और चांद प्रखंड के विभिन्न गांवों से पहुंचे किसानों ने योजना को लेकर अपनी चिंता और आपत्ति जताई। किसानों ने कहा कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि ही परिवार की आजीविका का मुख्य आधार है। बैठक में किसानों ने कहा कि यदि कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया तो उनके सामने परिवार के भरण-पोषण और आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उपजाऊ जमीन लेकर औद्योगिक पार्क बनाना उचित नहीं है। किसानों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी कृषि भूमि देने को तैयार नहीं हैं। सरकार से पारदर्शी बातचीत की मांग बैठक में जनप्रतिनिधियों और किसानों ने आगे की रणनीति पर चर्चा की। ग्रामीणों ने मांग की कि सरकार और जिला प्रशासन किसानों के साथ पारदर्शी तरीके से बातचीत करे। किसी भी निर्णय से पहले किसानों के हितों और उनकी सहमति को प्राथमिकता देने की मांग की गई। किसानों ने कृषि योग्य भूमि के बजाय औद्योगिक पार्क के लिए कोई वैकल्पिक जगह तलाशने का आग्रह किया। मांग नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी किसानों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक करेंगे। बैठक में मुखिया राधेश्याम पाल, युगल किशोर उपाध्याय, रवि सिंह, रमेश सिंह, हनुमान चौबे, सुनील उपाध्याय, गुरुदेव उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। कैमूर जिले के ग्राम करजी में औद्योगिक पार्क निर्माण के सरकारी प्रस्ताव के खिलाफ किसानों की बैठक हुई। चैनपुर और चांद प्रखंड के विभिन्न गांवों से पहुंचे किसानों ने योजना को लेकर अपनी चिंता और आपत्ति जताई। किसानों ने कहा कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि ही परिवार की आजीविका का मुख्य आधार है। बैठक में किसानों ने कहा कि यदि कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया तो उनके सामने परिवार के भरण-पोषण और आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उपजाऊ जमीन लेकर औद्योगिक पार्क बनाना उचित नहीं है। किसानों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी कृषि भूमि देने को तैयार नहीं हैं। सरकार से पारदर्शी बातचीत की मांग बैठक में जनप्रतिनिधियों और किसानों ने आगे की रणनीति पर चर्चा की। ग्रामीणों ने मांग की कि सरकार और जिला प्रशासन किसानों के साथ पारदर्शी तरीके से बातचीत करे। किसी भी निर्णय से पहले किसानों के हितों और उनकी सहमति को प्राथमिकता देने की मांग की गई। किसानों ने कृषि योग्य भूमि के बजाय औद्योगिक पार्क के लिए कोई वैकल्पिक जगह तलाशने का आग्रह किया। मांग नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी किसानों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक करेंगे। बैठक में मुखिया राधेश्याम पाल, युगल किशोर उपाध्याय, रवि सिंह, रमेश सिंह, हनुमान चौबे, सुनील उपाध्याय, गुरुदेव उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।  

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