ओवरब्रिज हादसे में 17 दिन बाद बाइक सवार की मौत:आरोप- मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जन नहीं होने से जान गई; पीएम की सामग्री खरीदकर लाना पड़ा

ओवरब्रिज हादसे में 17 दिन बाद बाइक सवार की मौत:आरोप- मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जन नहीं होने से जान गई; पीएम की सामग्री खरीदकर लाना पड़ा

खंडवा में एक सड़क एक्सीडेंट के दौरान गंभीर घायल हुए जनपद सदस्य के भाई की इलाज के दौरान मौत हो गई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजन के सुपुर्द कर दिया गया। हादसा मूंदी रोड़ पर सिहाड़ा ओवरब्रिज के पास हुआ था। आमने-सामने बाइक की भिड़ंत हो गई थी। मृतक की पहचान शेख अजीज (51) निवासी मुंदवाड़ा के रूप में हुई हैं। इधर, मृतक के भाई शेख इमरान (जनपद सदस्य) ने बताया कि भाई के परिवार में उनकी पत्नी और चार बेटे हैं, सभी बच्चे अविवाहित हैं। वे खेती करते हैं और घटना वाले दिन 5 अगस्त को घर से खंडवा जा रहे थे। इसी दौरान सामने से एक बाइक वाले ने रॉन्ग साइड आकर टक्कर मार दी थी। लोगों ने भाई को अस्पताल भिजवाया, सिर में अंदरुनी चोंट होने से उनकी हालत गंभीर थी। शुरुआत में कुछ दिन मेडिकल कॉलेज अस्पताल और फिर इंदौर में इलाज कराया गया। जहां वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया, लेकिन बाद में वापस खंडवा अस्पताल भेज दिया। परिजनों की मानें तो इतने बड़े अस्पताल में न्यूरो सर्जन तक नहीं हैं, विशेषज्ञ होते तो समय पर इलाज होने से जान बच जाती। 17 दिन तक चले इलाज के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। खंडवा से इंदौर रेफर किया, तब तक हालत और बिगड़ चुकी थी। पोस्टमार्टम का सामान परिजनों से मंगवाया
इधर, मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मार्च्युरी में सुबह पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान पोस्टमार्टम का सामान स्टाफ ने परिजनों से मंगवाया। पूछने पर स्टाफ ने कहा कि पालीथीन, कपड़े और अन्य सामग्री परिवार वालों को ही लाकर देना होती हैं। ऐसा बहुत समय से चला आ रहा है। इसके बाद बाजार गए और करीब एक हजार रुपए का सामान खरीदकर मार्च्युरी स्टाफ को दिया। CMHO बोले- सामान देने का नियम अस्पताल का
मामले में सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतावत का कहना है कि पोस्टमार्टम रूम का मैनेजमेंट जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का है। शव परीक्षण के दौरान सभी संसाधन और सामग्री अस्पताल प्रबंधन द्वारा ही उपलब्ध कराई जाना चाहिए। यह नियम है। यदि सामग्री परिजनों से बुलवाई जाती है तो यह मानवीयता के खिलाफ भी है। शिकायत मिलती है तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी।

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