सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को 60 नर्सिंग सीटों की मंजूरी मिल गई है। पिछले दो वर्षों से स्टाफ और जरूरी संसाधन जुटाने के प्रयासों के बाद संस्थान को यह अनुमति मिली है। वर्ष 2024 में नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश पर रोक लग गई थी। इसके बाद प्रबंधन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और मान्यता बहाल कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। स्टाफ और संसाधन जुटाने के बाद मिला अनुमोदन प्रवेश पर रोक लगने के बाद बीएमसी प्रबंधन ने नर्सिंग कॉलेज की व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर काम किया। आवश्यक स्टाफ और संसाधन उपलब्ध कराने के बाद कॉलेज की मान्यता के लिए आवेदन किया गया। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 60 सीटों को मंजूरी दी गई है। छह जिलों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ बीएमसी नर्सिंग कॉलेज में सीटें शुरू होने से सागर के साथ दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले के विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नर्सिंग शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और अपने ही संभाग में बेहतर शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ तैयार करने में मिलेगी मदद बीएमसी के डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने बताया कि 60 नर्सिंग सीटों की उपलब्धता से संस्थान में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ तैयार करने में मदद मिलेगी। इसका लाभ बीएमसी के साथ आसपास के शासकीय अस्पतालों को भी मिलेगा। प्रशिक्षित नर्सिंग कर्मियों की उपलब्धता बढ़ने से अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इससे सागर और आसपास के जिलों की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

