देश और समाज को एकजुट रखने के लिए आपसी एकता, संवाद और सहमति बेहद जरूरी है। कांग्रेस ने देश में लोकतंत्र को स्थापित करने और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।पार्टी के प्रखंड अध्यक्षों को वैचारिक रूप से मजबूत होना जरूरी है, क्योंकि वे संगठन को सीधे जनता और कार्यकर्ताओं से जोड़ते हैं। प्रखंड अध्यक्ष कांग्रेस की रीढ़ हैं। पार्टी और समाज को अनुशासन के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने शनिवार को औरंगाबाद में ये बातें कही। दरअसल, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में कांग्रेस के नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्षों के लिए दो दिवसीय ट्रेनिंग कैंप का शनिवार को समापन हो गया। कृष्णा अल्लावरु ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार देश को जोड़ने की बात करती रही है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आपसी एकता और सहमति से ही देश को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर संवाद बढ़ाने और संगठन के विचारों को मजबूती से रखने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को यह भी बताया गया कि राजनीतिक संगठन केवल चुनाव के समय सक्रिय रहने के बजाय लगातार जनता के बीच मौजूद रहकर उनकी समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए संघर्ष करे। राजेश राम बोले- संवाद और सम्मान ही कांग्रेस का संस्कार समापन सत्र को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने संगठन में एकजुटता और आपसी सम्मान को कांग्रेस की ताकत बताया। उन्होंने ‘संगच्छध्वं संवदध्वं’ के सूत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सबको साथ लेकर चलने और सभी के विचारों का सम्मान करने से ही श्रेष्ठ समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन में पंचायत स्तर के कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक सभी एक सूत्र में बंधे हैं। एक-दूसरे के साथ संवाद और सम्मान कांग्रेस की संगठनात्मक संस्कृति का हिस्सा है। ट्रेनिंग कैंप में 20 जिलों के 70 नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्ष शामिल हुए औरंगाबाद के कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत अंबा स्थित राजलक्ष्मी रिजॉर्ट में ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया था, जिसमें बिहार के 20 जिलों के नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। शिविर का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, प्रखंड अध्यक्षों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने और बदलते राजनीतिक परिवेश में संगठन की भूमिका को प्रभावी बनाने पर केंद्रित रहा। ट्रेनिंग के दौरान पार्टी की वैचारिक पृष्ठभूमि, संगठनात्मक मजबूती, जनसंपर्क, जन लामबंदी और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रखंड अध्यक्ष पार्टी संगठन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय बनाने में उनकी भूमिका निर्णायक है। ट्रेनिंग कैंप के माध्यम से नवनिर्वाचित अध्यक्षों को जिम्मेदारियों और चुनौतियों से अवगत कराया गया।शिविर का उद्घाटन बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने किया। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और प्रशिक्षकों ने प्रखंड अध्यक्षों के साथ संवाद करते हुए संगठन को नई दिशा देने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। मीडिया और सोशल मीडिया की रणनीति पर मंथन प्रशिक्षण शिविर के दूसरे और अंतिम दिन कांग्रेस ने मीडिया और सोशल मीडिया को लेकर अपनी रणनीति पर विशेष चर्चा की। बदलते दौर में सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका को देखते हुए प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी गई। पार्टी के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और संगठन की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा राजनीति में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन के प्रत्येक स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। महिला कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों में आगे लाने और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मौजूदा राजनीतिक परिवेश में कांग्रेस की भूमिका और जन लामबंदी के आधुनिक तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यकर्ताओं को जनता से सीधे संवाद, स्थानीय समस्याओं की पहचान और मुद्दा आधारित आंदोलन के माध्यम से संगठन को मजबूत करने के तरीके बताए गए। देश और समाज को एकजुट रखने के लिए आपसी एकता, संवाद और सहमति बेहद जरूरी है। कांग्रेस ने देश में लोकतंत्र को स्थापित करने और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।पार्टी के प्रखंड अध्यक्षों को वैचारिक रूप से मजबूत होना जरूरी है, क्योंकि वे संगठन को सीधे जनता और कार्यकर्ताओं से जोड़ते हैं। प्रखंड अध्यक्ष कांग्रेस की रीढ़ हैं। पार्टी और समाज को अनुशासन के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने शनिवार को औरंगाबाद में ये बातें कही। दरअसल, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में कांग्रेस के नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्षों के लिए दो दिवसीय ट्रेनिंग कैंप का शनिवार को समापन हो गया। कृष्णा अल्लावरु ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार देश को जोड़ने की बात करती रही है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आपसी एकता और सहमति से ही देश को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर संवाद बढ़ाने और संगठन के विचारों को मजबूती से रखने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को यह भी बताया गया कि राजनीतिक संगठन केवल चुनाव के समय सक्रिय रहने के बजाय लगातार जनता के बीच मौजूद रहकर उनकी समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए संघर्ष करे। राजेश राम बोले- संवाद और सम्मान ही कांग्रेस का संस्कार समापन सत्र को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने संगठन में एकजुटता और आपसी सम्मान को कांग्रेस की ताकत बताया। उन्होंने ‘संगच्छध्वं संवदध्वं’ के सूत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सबको साथ लेकर चलने और सभी के विचारों का सम्मान करने से ही श्रेष्ठ समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन में पंचायत स्तर के कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक सभी एक सूत्र में बंधे हैं। एक-दूसरे के साथ संवाद और सम्मान कांग्रेस की संगठनात्मक संस्कृति का हिस्सा है। ट्रेनिंग कैंप में 20 जिलों के 70 नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्ष शामिल हुए औरंगाबाद के कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत अंबा स्थित राजलक्ष्मी रिजॉर्ट में ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया था, जिसमें बिहार के 20 जिलों के नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। शिविर का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, प्रखंड अध्यक्षों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने और बदलते राजनीतिक परिवेश में संगठन की भूमिका को प्रभावी बनाने पर केंद्रित रहा। ट्रेनिंग के दौरान पार्टी की वैचारिक पृष्ठभूमि, संगठनात्मक मजबूती, जनसंपर्क, जन लामबंदी और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रखंड अध्यक्ष पार्टी संगठन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय बनाने में उनकी भूमिका निर्णायक है। ट्रेनिंग कैंप के माध्यम से नवनिर्वाचित अध्यक्षों को जिम्मेदारियों और चुनौतियों से अवगत कराया गया।शिविर का उद्घाटन बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने किया। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और प्रशिक्षकों ने प्रखंड अध्यक्षों के साथ संवाद करते हुए संगठन को नई दिशा देने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। मीडिया और सोशल मीडिया की रणनीति पर मंथन प्रशिक्षण शिविर के दूसरे और अंतिम दिन कांग्रेस ने मीडिया और सोशल मीडिया को लेकर अपनी रणनीति पर विशेष चर्चा की। बदलते दौर में सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका को देखते हुए प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी गई। पार्टी के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और संगठन की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा राजनीति में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन के प्रत्येक स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। महिला कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों में आगे लाने और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मौजूदा राजनीतिक परिवेश में कांग्रेस की भूमिका और जन लामबंदी के आधुनिक तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यकर्ताओं को जनता से सीधे संवाद, स्थानीय समस्याओं की पहचान और मुद्दा आधारित आंदोलन के माध्यम से संगठन को मजबूत करने के तरीके बताए गए।

