पीलीभीत में महिला से दुष्कर्म और रंगदारी वसूलने के आरोपी ज्ञान सिंह की जमानत अर्जी खारिज हो गई है। प्रभारी सत्र न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को कोई राहत नहीं दी। यह मामला बरखेड़ा थाना क्षेत्र का है और करीब दो साल पुराना है। बदायूं के दातागंज निवासी ज्ञान सिंह गांव में पानी की टंकी निर्माण कार्य में मजदूरी करने आया था। इस दौरान पीड़िता के पति के साथ काम करने के कारण उसका पीड़िता के घर आना-जाना शुरू हो गया। आरोप है कि एक दिन आरोपी ने कपड़े बदलते समय पीड़िता के आपत्तिजनक फोटो चुपके से खींच लिए। इसके बाद उसने फोटो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता के साथ जबरन दुष्कर्म किया और उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया।आरोपी ने ब्लैकमेल कर पीड़िता से पहले 1.20 लाख रुपये ऐंठे। बाद में वह एक लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करने लगा। पीड़िता ने तंग आकर बरखेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी को झूठा फंसाया गया अदालत में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि मजदूरी और 30 हजार रुपये के उधारी विवाद को लेकर आरोपी को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी 19 जुलाई से जेल में बंद है। वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने महिला की अस्मत से खिलवाड़ कर गंभीर अपराध किया है। पीड़िता ने बीएनएसएस की धारा 180 और 183 के तहत दर्ज अपने बयानों में घटना की पुष्टि की है। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने टिप्पणी की कि महिला के विरुद्ध किया गया यह अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है। ऐसे में आरोपी को जमानत पर रिहा करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता। अदालत ने गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना ज्ञान सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

