मनेन्द्रगढ़ में आवारा मवेशियों से फसलों को हो रहे नुकसान से परेशान ग्राम पंचायत कठौतिया के ग्रामीणों ने शुक्रवार देर रात अनोखे तरीके से विरोध जताया। ग्रामीण सैकड़ों गौवंश को करीब 12 किलोमीटर तक हांकते हुए जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ पहुंच गए। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए आवारा मवेशियों के संरक्षण और रखरखाव की स्थायी व्यवस्था की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये मवेशी खेतों में घुसकर किसानों की तैयार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, कई बार प्रशासन को इसकी जानकारी देने और स्थायी समाधान की मांग करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। फसल बर्बाद होने से परेशान किसान ग्राम पंचायत कठौतिया के उप सरपंच गणेश रवि सहित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निकाय क्षेत्रों से मवेशियों को वाहनों में भरकर ग्रामीण इलाकों में छोड़ दिया जाता है। इससे गांवों में आवारा गौवंश की संख्या बढ़ रही है और किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। मवेशियों से सड़क हादसों का भी खतरा ग्रामीणों ने बताया कि आवारा मवेशियों के कारण सड़कों पर भी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उनके अनुसार, कई बार मवेशियों की वजह से हादसे हो चुके हैं और लोगों की जान तक जा चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गौवंश के संरक्षण, रखरखाव और आवारा मवेशियों की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की है। विरोध के बाद शहर में फैले मवेशी ग्रामीण जिन गौवंश को हांककर मनेन्द्रगढ़ लेकर पहुंचे थे, वे अब शहर के अलग-अलग वार्डों और सड़कों पर घूम रहे हैं। इससे शहर में भी आवारा मवेशियों की समस्या बढ़ गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो किसानों का आर्थिक संकट और गहरा सकता है। नगर पालिका बोली- गांवों में नहीं छोड़े मवेशी ग्रामीणों के आरोपों को नगर पालिका ने खारिज किया है। नगर पालिका के सीएमओ अजय राजपूत ने कहा कि नगर पालिका द्वारा गौवंशों को ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं छोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि शहर में आवारा मवेशियों के संरक्षण के लिए नगर पालिका की ओर से काम किया जा रहा है। अब ग्रामीणों की मांग और नगर पालिका के जवाब के बीच प्रशासन के सामने आवारा मवेशियों की समस्या के स्थायी समाधान की चुनौती है।

