चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। शनिवार को खाद्य विभाग की टीम ने महेवा गल्ला मंडी एवं साहबगंज मंडी में जांच की। वहां व्यापारियों के स्टाक का मिलान किया गया और रेट चेक किया गया। इस जांच में सभी व्यापारियों के यहां स्टाक व रेट सही मिला है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने शुक्रवार को पर्याप्त स्टाक होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि थोक व्यापारियों के यहां जांच कराएंगे। कहीं कालाबाजारी पकड़ी गई तो कार्रवाई होगी। डिप्टी आरएमओ अरविंद कुमार दुबे, कृष्ण सहाय पाठक, उपेंद्र कुमार उपाध्याय एवं पुष्पेंद्र शुक्ल, मंडी सचिव दिलीप कुमार वर्मा ने व्यापारियों के स्टॉक, स्टॉक रजिस्टर, बिल एवं रेट लिस्ट की बारीकी से जांच की। जाच में अधिकांश स्थानों पर स्टॉक और रेट सही पाए गए। व्यापारियों ने अपना स्टॉक सिस्टम पर भी लोड कर दिया है। चेंम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय कुमार सिंघानिया ने बताया कि व्यापारियों ने अधिकारियों का भरपूर सहयोग किया है। उन्होंने कहा हमारा व्यापारी समाज कभी नहीं चाहता कि किसी स्तर पर महंगाई हो। यह सब खेल बड़े उद्योगपतियों का है, जिसका खामियाजा छोटे व्यापारियों को जांच और परेशानी झेलकर भुगतना पड़ता है। व्यापारियों ने हमेशा देशहित में कार्य किया है और आगे भी करते रहेंगे। हमारा व्यापारी समाज आज तक किसी भी तरह की जमाखोरी में शामिल न हुआ है, न होगा। हम सभी राष्ट्र प्रेमी और देश प्रेमी हैं। जानिए डीएम ने क्या कहा था डीएम दीपक मीणा ने शुक्रवार की रात वीडियो जारी कर कहा था कि प्रदेश में चीनी के स्टाक की कोई कमी नहीं है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर फैलायी जा रही अफवाहों पर उन्होंने ध्यान न देने की अपील की है। डीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार बाजार से चीनी खरीद सकता है। हालांकि प्रशासन कालाबाजी की जांच भी करेगा। इसके लिए जल्द ही थोक व्यापारियों के यहां छापे पड़ेंगे। डीएम ने सभी थोक व्यापारियों से अपील की थी कि वे अपना स्टाक भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के पोर्टल पर चीनी के स्टाक की स्थिति तत्काल घोषित करें। नियमित रूप से उसे अपडेट भी करना होगा। डीएम ने कहा कि जिले के थोक व्यापारियों के स्टाक की आकस्मिक जांच कराई जाएगी। यदि कोई व्यापारी जमाखोरी करते पकड़ा गया तो उसके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रविधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। नवंबर तक की मांग पूरी करने में कोई दिक्कत नहीं होगी डीएम ने कहा कि इतना स्टाक मौजूद है कि नवंबर तक की मांग पूरी कर ली जाएगी। उससे पहले ही चीनी मिलें चालू हो जाएंगी और नया उत्पाद भी शुरू कर दिया जाएगा। बहुत कम समय के लिए कृत्रिम मांग पैदा हुई है। जिससे दाम बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि कोई आर्टिफिशियल डिमांड पैदा करते पाया जाएगा, कालाबाजारी करते पाया जाएगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक न हों। व्यापारियों को भी दी गई जानकारी
प्रशासन की ओर से चीनी के कारोबार से जुड़े व्यापारियों को इस बात की जानकारी दे दी गई है कि किसी भी दशा में चीनी की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए। उनकी जानकारी में यदि कोई ऐसा कर रहा है तो उसके बारे में प्रशासन को बताया जाए। व्यापारियों ने सहयोग का भरोसा दिया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि आकस्मिक जांच कराकर स्टाक का मिलान किया जाएगा। यदि कहीं कालाबाजारी पकड़ी गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

