नवादा में हत्या के 4 दोषियों को आजीवन कारावास:अदालत ने पिता-बेटा समेत चार को अर्थदंड भी लगाया, चाकू से हमला कर किया था मर्डर

नवादा में हत्या के 4 दोषियों को आजीवन कारावास:अदालत ने पिता-बेटा समेत चार को अर्थदंड भी लगाया, चाकू से हमला कर किया था मर्डर

नवादा में हत्या के मामले में अदालत ने चार दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय उमेश कुमार ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। दोषियों में गोंदापुर निवासी अनिल चौधरी, उसके दो बेटे विक्की चौधरी और अविनाश चौधरी, तथा पवन कुमार शामिल हैं। प्रत्येक दोषी पर अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला नगर थाना कांड संख्या-1770/23 से संबंधित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 12 नवंबर 2023 की रात की है। अनिल चौधरी के घर में जुआ खेला जा रहा था, जिससे काफी शोर-गुल और गाली-गलौज हो रही थी। घर से बाहर निकलते ही आरोपियों ने चाकू से किया हमला पड़ोसी कुलदीप चौधरी ने इसका विरोध किया। इसके बाद अनिल चौधरी और वहां मौजूद जुआरियों ने कुलदीप के साथ बदसलूकी और गाली-गलौज की। कुलदीप अपने घर लौट गया। कुछ देर बाद, सभी आरोपी धारदार हथियारों से लैस होकर कुलदीप चौधरी के घर पहुंचे और गोलीबारी शुरू कर दी। भयभीत कुलदीप ने पुलिस के 112 नंबर पर सूचना दी। पुलिस से बात करने के दौरान जैसे ही वह घर से बाहर निकला, घात लगाए आरोपियों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई मृतक के भाई रंजीत कुमार के बयान पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अदालत ने गवाहों के बयान और पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद चारों आरोपियों को हत्या का दोषी पाया। न्यायालय ने हत्या की धारा में सश्रम आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, अन्य धाराओं में भी तीन वर्ष और छह-छह महीने के कारावास के साथ अर्थदंड लगाया गया है। इस मामले में पिता और उसके दो पुत्रों को एक साथ आजीवन कारावास की सजा मिलने के कारण यह फैसला चर्चा में रहा। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मो. मिसवाह रघुल ने पैरवी की। नवादा में हत्या के मामले में अदालत ने चार दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय उमेश कुमार ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। दोषियों में गोंदापुर निवासी अनिल चौधरी, उसके दो बेटे विक्की चौधरी और अविनाश चौधरी, तथा पवन कुमार शामिल हैं। प्रत्येक दोषी पर अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला नगर थाना कांड संख्या-1770/23 से संबंधित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 12 नवंबर 2023 की रात की है। अनिल चौधरी के घर में जुआ खेला जा रहा था, जिससे काफी शोर-गुल और गाली-गलौज हो रही थी। घर से बाहर निकलते ही आरोपियों ने चाकू से किया हमला पड़ोसी कुलदीप चौधरी ने इसका विरोध किया। इसके बाद अनिल चौधरी और वहां मौजूद जुआरियों ने कुलदीप के साथ बदसलूकी और गाली-गलौज की। कुलदीप अपने घर लौट गया। कुछ देर बाद, सभी आरोपी धारदार हथियारों से लैस होकर कुलदीप चौधरी के घर पहुंचे और गोलीबारी शुरू कर दी। भयभीत कुलदीप ने पुलिस के 112 नंबर पर सूचना दी। पुलिस से बात करने के दौरान जैसे ही वह घर से बाहर निकला, घात लगाए आरोपियों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई मृतक के भाई रंजीत कुमार के बयान पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अदालत ने गवाहों के बयान और पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद चारों आरोपियों को हत्या का दोषी पाया। न्यायालय ने हत्या की धारा में सश्रम आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, अन्य धाराओं में भी तीन वर्ष और छह-छह महीने के कारावास के साथ अर्थदंड लगाया गया है। इस मामले में पिता और उसके दो पुत्रों को एक साथ आजीवन कारावास की सजा मिलने के कारण यह फैसला चर्चा में रहा। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मो. मिसवाह रघुल ने पैरवी की।  

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