नवादा जिले में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक किसान की मौत हो गई। पकरीबरावां प्रखंड के मठगुलनी गांव में खेत में खाद डालने जा रहे 61 वर्षीय भरत महतो जर्जर बिजली के तार की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि बिजली का तार टूटकर खेत में गिरा हुआ था। इसी दौरान खेत में काम करने पहुंचे भरत महतो उसके संपर्क में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। इलाज के लिए जाते समय रास्ते में मौत घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भरत महतो को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजन शव को नवादा सदर अस्पताल ले गए, जहां पुलिस की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग मृतक के भाई मोहन प्रसाद ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जर्जर और पुराने बिजली तारों के कारण ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, लेकिन विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। मोहन प्रसाद ने बताया कि भरत महतो परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और खेती करके भरण-पोषण करते थे। परिजनों ने बिजली विभाग से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। नवादा जिले में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक किसान की मौत हो गई। पकरीबरावां प्रखंड के मठगुलनी गांव में खेत में खाद डालने जा रहे 61 वर्षीय भरत महतो जर्जर बिजली के तार की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि बिजली का तार टूटकर खेत में गिरा हुआ था। इसी दौरान खेत में काम करने पहुंचे भरत महतो उसके संपर्क में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। इलाज के लिए जाते समय रास्ते में मौत घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भरत महतो को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजन शव को नवादा सदर अस्पताल ले गए, जहां पुलिस की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग मृतक के भाई मोहन प्रसाद ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जर्जर और पुराने बिजली तारों के कारण ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, लेकिन विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। मोहन प्रसाद ने बताया कि भरत महतो परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और खेती करके भरण-पोषण करते थे। परिजनों ने बिजली विभाग से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

