SGPGI में गंभीर मरीजों की निगरानी का नया तरीका:BP-पल्स के साथ ब्लड फ्लो की होगी जांच, शॉक-सेप्सिस में इलाज होगा सटीक

SGPGI में गंभीर मरीजों की निगरानी का नया तरीका:BP-पल्स के साथ ब्लड फ्लो की होगी जांच, शॉक-सेप्सिस में इलाज होगा सटीक

इमरजेंसी में गंभीर मरीज की हालत का सही आकलन अब सिर्फ ब्लड प्रेशर और पल्स से नहीं, बल्कि शरीर में ब्लड फ्लो यानी रक्त के प्रवाह की बारीकी से निगरानी कर किया जा सकेगा। हीमोडायनेमिक मॉनिटरिंग तकनीक से डॉक्टर यह पता लगा सकते हैं कि दिल कितनी क्षमता से खून पंप कर रहा है। शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक पर्याप्त खून और ऑक्सीजन पहुंच रही है या नहीं। इससे मरीज के इलाज में समय रहते जरूरी बदलाव करना आसान होगा। SGPGI निदेशक डॉ.आरके धीमान की अगुवाई में ईएमपीएआरवी इंटरनेशनल 2026 के तहत शुक्रवार को हीमोडायनेमिक असेसमेंट कार्यशाला हुई। एईएमई और संस्थान के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने गंभीर मरीजों की आधुनिक निगरानी के तरीके बताए। शॉक और सेप्सिस में कारगर डॉ.आरके धीमान ने बताया कि क्रिटिकल मरीजों की स्थिति मिनटों में बदल सकती है। ऐसे में यह तय करना जरूरी होता है कि मरीज को फ्लूड की जरूरत है या नहीं। BP बढ़ाने वाली दवाएं कितनी उपयोगी होंगी। शॉक और सेप्सिस में यह तकनीक विशेष मददगार है। डॉ. उत्सव ने बताया कि कार्यशाला में बेडसाइड अल्ट्रासाउंड, केस आधारित चर्चा और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *