झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शुक्रवार को रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने की कोशिश की तथा उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले छात्र नेताओं ने झारखंड सरकार पर अभ्यर्थियों को धोखा देने और विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। इससे पहले उच्च न्यायालय ने 11वीं से 13वीं जेएसएससी तथा जेएसएससी-सीजीएल के जरिए की गयी नियुक्तियों को रद्द करने वाली कुछ अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी है।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘भारी संख्या में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री सोरेन और राहुल गांधी के पुतले फूंकने के लिए अल्बर्ट एक्का चौक पर एकत्र हुए। जब पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास किया, तो झड़प हो गई… झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद थे।’’
लालपुर थाने के प्रभारी रूपेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा तयशुदा रास्ता बदलने और यातायात बाधित करने के बाद झड़प हुई। सिंह ने कहा, ‘‘छात्रों ने मार्च और पुतला दहन के लिए तय किए गए मार्ग को बदल दिया… वे जेपीएससी कार्यालय गए और वहां यातायात ठप कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित रास्ते का पालन करने के हमारे अनुरोधों पर ध्यान नहीं दिया।’’
छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस और सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें शांतिपूर्ण मार्च निकालने से रोकने की कोशिश की। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, वे हमें शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने से नहीं रोक सकते। एक अन्य छात्र नेता पीयूष कुमार सिंह ने दावा किया कि मंच की कोर कमेटी के सदस्यों में से एक कुणाल को पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन वह बेहोश हो गए और बाद में उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झड़प के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी मारपीट की। हजारीबाग और गिरिडीह से भी इसी तरह की झड़पों की सूचना मिली है, जहां झामुमो कार्यकर्ताओं और सोरेन का पुतला जलाने की कोशिश कर रहे छात्रों के बीच झड़पें हुईं। इस बीच, जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वह 24 अगस्त से ‘‘भर्ती प्रणाली सुधार यात्रा’’ शुरू करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने से जुड़े मामलों का उच्च न्यायालय में मजबूती से बचाव नहीं कर रही है। उन्होंने आगाह किया कि यदि सरकार 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में नाकाम रहती है, तो वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की योजना बनाएंगे।

